यूपी में परिधान, रक्षा व इलेक्ट्रॉनिक्स समेत कई क्षेत्रों में समझौते

लखनऊ, उत्तर प्रदेश में मैन्युफैक्चरिंग ऐज़ अ सर्विस (मॉस) मॉडल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुक्रवार को लखनऊ स्थित एक होटल में आयोजित राउंडटेबल बैठक में 3,030 करोड़ के निवेश संबंधी समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इन निवेश प्रस्तावों से प्रदेश में लगभग 2.3 लाख नए रोजगार सृजित होने की संभावना है।
बैठक में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और प्रौद्योगिकी साझेदारों ने भाग लेते हुए स्केलेबल और किफायती विनिर्माण मॉडलों पर चर्चा की। परिधान विनिर्माण के लिए टॉन्स कंसल्टिंग ग्रुप एवं एमसीए कंसल्टिंग, अपस्किलिंग के क्षेत्र में एडवेट लर्निंग एवं अपग्रैड, औद्योगिक वेयरहाउसिंग एवं सेमीकंडक्टर क्षेत्र में अविग्ना प्रा. लि., तथा रक्षा एवं इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में एस एन धवन एंड कंपनी एलएलपी समेत कई कंपनियों ने निवेश प्रस्ताव प्रस्तुत किए। इसके अतिरिक्त साक्षी स्टील प्रोसेसिंग, टेक्निकल कंसल्टिंग फॉर मास (मॉस) और नियो सैन प्रा. लि. ने भी डिवाइस मैन्युफैक्चरिंग में निवेश की पहल की है।
मुख्यमंत्री के आर्थिक सलाहकार डॉ. के. वी. राजू की अध्यक्षता में आयोजित सत्र में प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से अब तक राज्य की जीडीपी में तीन गुना वृद्धि दर्ज की गई है और सर्विस-आधारित मैन्युफैक्चरिंग के माध्यम से लागत घटाने एवं उत्पादकता बढ़ाने पर विशेष बल दिया जा रहा है। सत्र में “उप्र मतलब बिजनेस” विज़न के तहत इन्वेस्ट यूपी की भूमिका तथा कौशल-केंद्रित जोन और नवाचार क्लस्टर स्थापित करने की रणनीतियों पर भी चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश कुमार अवस्थी ने कौशल, सुरक्षा और कनेक्टिविटी को प्रदेश की सतत विकास यात्रा का आधार बताया, जबकि जी.एन. सिंह ने उत्तर प्रदेश को उभरते हेल्थकेयर एवं फार्मा हब के रूप में विकसित करने पर बल दिया। कार्यक्रम के अंत में इन्वेस्ट यूपी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विजय किरण आनंद ने ‘डेस्टिनेशन उत्तर प्रदेश’ विषय पर प्रस्तुति दी और सभी सहभागी कंपनियों को ओडीओपी स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।





