रामनवमी के अवसर पर संकट मोचन हनुमान मंदिर पहुंचे अजय राय

वाराणसी, रामनवमी के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय संकट मोचन हनुमान मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।

दशकों से चली आ रही श्री हनुमान ध्वजा यात्रा में भी उन्होंने प्रत्येक वर्ष की भांति सहभागिता की। यह ध्वजा यात्रा वाराणसी की प्राचीन धार्मिक परंपराओं में से एक मानी जाती है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्ति और उत्साह के साथ शामिल होते हैं। मान्यता है कि इस यात्रा में सम्मिलित होकर श्रद्धालु पवनसुत हनुमान जी का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं और जीवन में आने वाले संकटों से मुक्ति पाते हैं।

इसके पश्चात प्रदेश अध्यक्ष अजय राय त्रिपुरा भैरवी स्थित प्रसिद्ध राम रमापति बैंक मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और लोक-कल्याण, प्रदेश की खुशहाली तथा समाज में सुख-शांति की कामना की। यह मंदिर अपनी अनूठी परंपरा के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध है। यहां श्रद्धालुओं द्वारा वर्षों से लिखे गए हस्तलिखित “राम नाम” का विशाल संग्रह सुरक्षित रखा गया है, जिसकी संख्या अरबों में बताई जाती है। इसी कारण इसे “राम नाम का बैंक” भी कहा जाता है। श्रद्धालु श्रद्धा और विश्वास के साथ कागज पर “राम” नाम लिखकर यहां समर्पित करते हैं और मान्यता है कि ऐसा करने से उनकी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

अजय राय ने कहा, “भगवान श्रीराम केवल आस्था के प्रतीक नहीं, बल्कि मर्यादा, धर्म, न्याय और आदर्श जीवन के सर्वोच्च प्रतीक हैं। उनका जीवन हम सभी को सत्य, कर्तव्यनिष्ठा, त्याग और समाज सेवा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। भगवान श्रीराम ने अपने जीवन के प्रत्येक क्षण में यह दिखाया कि कैसे व्यक्ति अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी निभा सकता है। रामनवमी का यह पावन पर्व हमें भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में उतारने की प्रेरणा देता है।”

उन्होंने कहा, “आज के समय में समाज को सबसे अधिक आवश्यकता आपसी प्रेम, भाईचारे, सहिष्णुता और सद्भाव की है। जब समाज में एकता और आपसी विश्वास मजबूत होगा, तभी देश और प्रदेश विकास और प्रगति के मार्ग पर आगे बढ़ सकेगा।”

काशी की यह पावन भूमि सदियों से आध्यात्मिक, धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं की धरोहर रही है। यहां के मंदिर, तीर्थ और धार्मिक आयोजन न केवल आस्था के केंद्र हैं, बल्कि समाज को जोड़ने और सकारात्मक ऊर्जा देने का भी कार्य करते हैं।

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