राष्ट्रीय सुरक्षा देश के प्रत्येक नागरिक का सामूहिक दायित्व: राजनाथ सिंह

लखनऊ, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा केवल सशस्त्र बलों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का सामूहिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि सैनिक देश की पहली रक्षा पंक्ति हैं, लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा की वास्तविक मजबूती जनता की एकता, अनुशासन और जागरूकता से तय होती है। लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि मौजूदा वैश्विक अनिश्चितताओं और बदलती चुनौतियों के दौर में कोई भी व्यक्ति निष्क्रिय नहीं रह सकता। उन्होंने लोगों से जिम्मेदारीपूर्वक आचरण करने और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का आह्वान किया। श्री सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए समाज के सभी वर्गों के समन्वित प्रयास आवश्यक हैं। नागरिक कानून का पालन करें, भ्रामक सूचनाओं को अस्वीकार करें और निजी हितों से ऊपर राष्ट्रहित को रखें। उन्होंने कहा कि भारत विभिन्न शत्रुतापूर्ण तत्वों से घिरा हुआ है, ऐसे में उपलब्ध प्रत्येक संसाधन का सर्वोत्तम उपयोग समय की आवश्यकता है।

राजनाथ सिंह ने कहा कि आज के तेजी से बदलते दौर में सूचना एक शक्तिशाली साधन है, लेकिन गलत सूचना और अफवाहें समाज में अस्थिरता पैदा कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में मीडिया की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है, ताकि जनता तक सही और जिम्मेदार सूचना पहुंचे।

उन्होंने कहा कि मीडिया केवल समाचार प्रसारित करने का माध्यम नहीं, बल्कि जनमत को आकार देने वाली सशक्त संस्था है। यदि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील मुद्दों को सनसनी के लिए गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण के साझेदार के रूप में मीडिया की जिम्मेदारी है कि उसका प्रस्तुत किया गया कंटेंट राष्ट्रीय हित में हो और अनावश्यक भय या भ्रम न फैलाए।

रक्षा मंत्री ने दोहराया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में कोई समझौता नहीं करती। उन्होंने कहा कि विकसित भारत-2047 के विजन के अनुरूप सरकार एक ओर कल्याणकारी योजनाओं पर कार्य कर रही है, वहीं दूसरी ओर रक्षा क्षमताओं को भी लगातार सुदृढ़ किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर विशेष बल दिया जा रहा है, ताकि सशस्त्र बलों को भारत में निर्मित अत्याधुनिक हथियार और प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराए जा सकें। आत्मनिर्भरता की दिशा में उपलब्धियों का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2024-25 में देश का वार्षिक रक्षा उत्पादन रिकॉर्ड 1.51 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जबकि वर्ष 2025-26 में रक्षा निर्यात 38,424 करोड़ रुपये के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 62.66 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने वर्ष 2029-30 तक 50,000 करोड़ रुपये के रक्षा निर्यात का लक्ष्य हासिल करने की उम्मीद जताई।

श्री सिंह ने कहा कि सरकार के प्रयास आत्मनिर्भर और सशक्त भारत की मजबूत नींव रख रहे हैं और जिस गति से देश आगे बढ़ रहा है, उससे भारत शीघ्र ही रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनकर विश्व के अग्रणी देशों में शामिल होगा। राजनाथ सिंह ने कहा कि विकसित भारत केवल भौतिक अवसंरचना का निर्माण नहीं है, बल्कि ऐसा समाज बनाना भी है जहां पारस्परिक जिम्मेदारी की भावना हो और कोई पीछे न छूटे। उन्होंने सैनिकों की ‘यूनिट कोहेजन’ यानी टीम भावना का उदाहरण देते हुए कहा कि राष्ट्र स्तर पर भी इसी सामूहिकता की आवश्यकता है।

कार्यक्रम के दौरान रक्षा मंत्री ने युद्ध वीरों और शहीद सैनिकों के परिजनों को सम्मानित किया। इनमें परमवीर चक्र विजेता सूबेदार मेजर (सेवानिवृत्त) मानद कैप्टन योगेंद्र सिंह यादव, सूबेदार एवं मानद कैप्टन करम सिंह, कंपनी क्वार्टर मास्टर हवलदार अब्दुल हमीद, सेकंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल, कैप्टन विक्रम बत्रा, कैप्टन मनोज कुमार पांडेय, ब्रिगेडियर मोहम्मद उस्मान के परिजन तथा वीर नारियां शामिल रहीं।

उन्होंने मेजर सोमनाथ शर्मा, नायक जदुनाथ सिंह, अब्दुल हमीद, कैप्टन विक्रम बत्रा और कैप्टन मनोज कुमार पांडेय जैसे वीर सपूतों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनकी वीरता की गाथाएं आज भी युवाओं को साहस, देशभक्ति, कर्तव्यनिष्ठा और बलिदान की प्रेरणा देती हैं।

रक्षा मंत्री ने शहीदों के परिवारों को राष्ट्र की अदृश्य शक्ति बताते हुए कहा कि वही सैनिकों का मनोबल ऊंचा रखते हैं। उन्होंने कहा कि जब भी वह शहीद परिवारों से मिलते हैं, तो उनके दुख के साथ-साथ गर्व की गहरी भावना भी दिखाई देती है। यही त्याग की संस्कृति भारत की असली ताकत है।

इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और मध्य कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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