राहुल गांधी के खिलाफ दाखिल याचिका इलाहाबाद उच्च न्यायालय में खारिज

प्रयागराज, इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने संभल जिले की चंदौसी कोर्ट के आदेश की चुनौती याचिका पर फैसला सुनाते हुए नेता प्रतिपक्ष और रायबरेली से कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को बड़ी राहत दी है। न्यायालय ने राहुल गांधी के खिलाफ दाखिल याचिका को खारिज कर दिया है।
न्यायाधीश विक्रम डी चौहान की एकल पीठ ने खुली अदालत में यह फैसला सुनाया है। याचिका खारिज होने के बाद अब राहुल गांधी के खिलाफ मुकदमा नहीं दर्ज होगा और आपराधिक केस भी नहीं चलेगा। फिलहाल ऑर्डर अपलोड होने के बाद आगे की चीजें पता चलेंगी।
याचिका पर बहस पूरी होने के बाद आठ अप्रैल को इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने फैसला सुरक्षित कर लिया था। याचिकाकर्ता सिमरन गुप्ता ने संभल कोर्ट के फैसले को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। सात नवंबर 2025 को संभल की चंदौसी कोर्ट द्वारा याची की राहुल गांधी के खिलाफ निगरानी याचिका खारिज हुई थी।
गौरतलब है कि राहुल गांधी ने पिछले वर्ष कांग्रेस मुख्यालय ‘इंदिरा भवन’ के उद्घाटन के दौरान विवादित बयान दिया था। जिसमें उन्होंने भाजपा और आरएसएस के साथ-साथ ‘इंडियन स्टेट’ (भारतीय राज्य) से लड़ने की बात कही थी।राहुल गांधी ने 15 जनवरी 2025 को दिल्ली में कांग्रेस के नए मुख्यालय ‘इंदिरा भवन’ के उद्घाटन समारोह में अपने भाषण के दौरान केंद्र सरकार और संवैधानिक संस्थाओं पर तीखा प्रहार किया था।
उन्होंने कहा था कि कांग्रेस की लड़ाई अब केवल राजनीतिक दलों तक सीमित नहीं रह गई है। उनके शब्दों में, “अगर आप यह सोचते हैं कि हम भाजपा या आरएसएस जैसे किसी राजनीतिक संगठन से लड़ रहे हैं, तो आप स्थिति को नहीं समझ रहे हैं। भाजपा और आरएसएस ने देश की हर संस्था पर कब्जा कर लिया है। अब हमारी लड़ाई भाजपा, आरएसएस और खुद ‘इंडियन स्टेट’ (भारतीय राज्य) से है।”
राहुल गांधी ने संस्थानों की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा था कि देश को यह नहीं पता कि संस्थाएं काम कर रही हैं या निष्क्रिय हो चुकी हैं। मीडिया की स्वतंत्रता पर भी उन्होंने सवाल खड़े किए थे। उनके इसी बयान को आधार बनाकर सिमरन गुप्ता ने अदालत का दरवाजा खटखटाया और आरोप लगाया कि राहुल गांधी का यह बयान देश की संप्रभुता और राज्य के खिलाफ है।इस मामले की शुरुआत संभल की विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट में प्राथमिकी दर्ज करने की मांग के साथ हुई थी। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने शुरुआत में क्षेत्राधिकार का हवाला देते हुए इसे खारिज कर दिया था।
इसके बाद याचिकाकर्ता ने जिला जज की अदालत में पुनरीक्षण याचिका दायर की। मई 2025 में संभल की जिला अदालत ने राहुल गांधी को नोटिस जारी कर अप्रैल 2026 में पेश होने या जवाब देने का निर्देश दिया था। हालांकि, 7 नवंबर 2025 को चंदौसी स्थित अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने इस मामले को ‘कमजोर’ करार देते हुए याचिका खारिज कर दी थी। इसी फैसले को चुनौती देते हुए सिमरन गुप्ता ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख किया था।





