कांग्रेस ने अलवर संसदीय क्षेत्र के उपचुनाव के लिए डॉ कर्ण सिंह यादव को उम्मीदवार घोषित किया है. राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी की उपाध्यक्ष अर्चना शर्मा ने एक बयान में बताया कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव और राजस्थान के प्रभारी अविनाश पांडे ने अलवर संसदीय क्षेत्र के उपचुनाव में डॉ कर्ण सिंह यादव को उम्मीदवार बनाने की घोषणा की है. अलवर लोकसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के सांसद महंत चाँद नाथ का बीमारी के चलते निधन हो गया जिससे यह सीट खाली हो गई. इस पर उपचुनाव प्रस्तावित है.
डॉ कर्ण सिंह यादव पुराने कांग्रेसी नेता होने के साथ- साथ सामाजिक रूप से काफी सक्रिय शख्सियत हैं. आप की गिनती राजस्थान ही नही देश के विख्यात चिकित्सकों मे है. . अलवर में 16 लाख से अधिक मतदाता हैं। इसमें से यादवों और मेवों का बाहुल्य है. इनमें 3 लाख यादव , 2 लाख 60 हजार मेव समाज , 3 लाख 30 हजार अनुसूचित जाति , 1 लाख बीस हजार जाट , 1 लाख 15 हजार मीणा ,1 लाख ब्राह्मण, 1 लाख वैश्य, 85 हजार पुरुषार्थी, गुर्जर 70 हजार, राजपूत 45 हजार और 65 हजार माली समाज के मतदाता हैं.
आप अखिल भारतवर्षीय यादव महासभा के राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष हैं. इसलिये यादवों समाज मे डॉ कर्ण सिंह यादव का बड़ा सममान है. यादवों के बाद दूसरा बड़ा वोट बैंक मेव समाज के वोटों का है। इनका वोट भी यादवों की तरह विभाजित भी नहीं होता है। भाजपा द्वारा गो-तस्करी को लेकर बनाया गया माहौल और उस पर उनके नेताओं के हिंसक बयान भाजपा के लिये आत्मघाती होंगे और इसका सीधा लाभ डॉ कर्ण सिंह यादव को मिल सकता है.जातीय समीकरण से अलग हटकर कांग्रेस का खुद का वोट बैंक है. जिसमें सभी जातियां शामिल हैं.
कुल मिलाकर डॉ० कर्ण सिंह यादव को अलवर लोकसभा क्षेत्र से उम्मीदवार बनाकर कांग्रेस ने एेसा दांव चल दिया है कि उसकी काट ढूंढ पाना भाजपा के लिये आसान नही है. यह उपचुनाव इसलिये भी अहम हैं क्योंकि इसका सीधा असर कुछ माह बाद ही राजस्थान मे होने वाले विधान सभा चुनाव पर भी पड़ेगा.