वाराणसी में एक बोर्ड, एक फीस, एक पाठ्यक्रम की मांग

वाराणसी, देश में शिक्षा की बढ़ती लागत को लेकर समय-समय पर विभिन्न मांगें उठती रही हैं। इसी कड़ी में शुक्रवार को धरोहर सेवा संरक्षण संगठन के आयाम केसरिया भारत के बैनर तले महंगी शिक्षा के खिलाफ एक बोर्ड, एक फीस और एक पाठ्यक्रम लागू करने की मांग की गई। इस संबंध में प्रधानमंत्री के नाम एक पत्र लिखकर राजातालाब तहसील में तहसीलदार शालिनी सिंह को सौंपा गया।

प्रदेश अध्यक्ष गौरीश सिंह ने बताया कि वर्तमान में शिक्षा इतनी महंगी हो गई है कि मध्यमवर्गीय और निम्न आय वर्ग के लोग अपने बच्चों को उचित शिक्षा नहीं दिला पा रहे हैं। अलग-अलग बोर्ड, पाठ्यक्रम और फीस संरचना के कारण एक ही कक्षा के छात्र अलग-अलग ढांचे में पढ़ाई कर रहे हैं। समृद्ध परिवारों के बच्चे महंगी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, जबकि सामान्य परिवारों के बच्चे सरकारी या क्षेत्रीय बोर्ड के स्कूलों में पढ़ने को मजबूर हैं। इससे समाज में शिक्षा के क्षेत्र में असमानता की खाई बढ़ती जा रही है।

प्रमुख संयोजक कृष्णानंद पांडेय ने कहा कि निजी विद्यालयों की ऊंची फीस, जटिल दाखिला प्रक्रिया और विभिन्न बोर्डों की प्रतिस्पर्धा ने ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को शिक्षा से दूर कर दिया है। शिक्षा को बोझ बनने से रोकना अत्यंत आवश्यक है। इसका समाधान एक बोर्ड, एक फीस और एक पाठ्यक्रम लागू करने से ही संभव है।

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