विधानसभा सत्र के सुचारू संचालन के लिए अध्यक्ष सतीश महाना ने मांगा सभी दलों का सहयोग

लखनऊ, उत्तर प्रदेश विधान सभा के अध्यक्ष सतीश महाना ने नौ जनवरी से प्रारम्भ हो रहे 18वीं विधान सभा सत्र को सुचारू एवं मर्यादापूर्ण ढंग से संचालित करने के लिए सभी राजनीतिक दलों से सहयोग का अनुरोध किया है।

उन्होंने कहा कि संसदीय व्यवस्था में संवाद, सकारात्मक चर्चा और परिचर्चा के माध्यम से ही लोकतंत्र सशक्त होता है। विधान सभा चर्चा का मंच है, शोर-शराबे का नहीं।

विधानभवन में आयोजित सर्वदलीय बैठक को संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि सहमति और असहमति लोकतंत्र का अभिन्न हिस्सा हैं, लेकिन शोर-शराबे से न तो सरकार की बात सामने आती है और न ही विपक्ष की। उन्होंने सभी दलों के नेताओं से अपील की कि वे सदन में शालीनता और संसदीय मर्यादा का पालन करते हुए अपने-अपने पक्ष रखें।

श्री महाना ने कहा कि उत्तर प्रदेश विधान सभा देश की सबसे बड़ी विधान सभा है और इसकी कार्यवाही पूरे देश के विधान मंडलों के लिए एक मानक एवं आदर्श प्रस्तुत करती है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रत्येक सदस्य को अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर दिया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर देर शाम तक सदन की कार्यवाही संचालित की जाएगी, ताकि सभी सदस्यों की सहभागिता सुनिश्चित हो सके।

उन्होंने यह भी कहा कि विगत चार वर्षों में इस विधानसभा में सर्वाधिक चर्चा दर्ज की गई है, जो सकारात्मक संसदीय परंपरा का परिचायक है। सर्वदलीय बैठक में उपस्थित सभी दलों के नेताओं ने विधानसभा अध्यक्ष को सदन संचालन में पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया।

नेताओं ने अध्यक्ष की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि उनके दिशा-निर्देशन में विधानसभा की कार्यवाही में निरंतर नवाचार और सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। इस अवसर पर नेता सदन एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी अपने विचार व्यक्त किए। वहीं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने सभी दलीय नेताओं को आश्वस्त किया कि प्रदेश सरकार पूरी गंभीरता के साथ विकास को नई गति देने के लिए कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि सरकार सभी मुद्दों पर सकारात्मक कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है और मुख्यमंत्री की भावना के अनुरूप सदन में शांतिपूर्ण सहयोग की अपेक्षा रखती है।

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