
मुख्यमंत्री यहां राजामंडी स्थित श्री दरियानाथ मंदिर में ब्रह्मलीन संत योगी सिद्धनाथ महाराज के शंखढाल कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। योगी आदित्यनाथ नाथ सम्प्रदाय के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और यह मंदिर नाथ सम्प्रदाय का है।
श्री दरियानाथ मंदिर पहुंचने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सजी-धजी एक बग्गी में बैठाकर मंदिर तक लाया गया। इस दौरान मंदिर की ओर जाने वाले मार्ग को सजाया गया था। कार्यक्रम में मौजूद साधु-संतों का योगी आदित्यनाथ ने आह्वान किया कि वे सनातनी विरासत को सहेजने के लिए आगे आएं।
उन्होंने कहा “ हमने समाज और संतों को जोड़ने का काम किया है। अब संत सनातनी विरासत को सहेजें। उन्होंने संत समाज से यह भी अपील की कि वे मोबाइल फोन का कम से कम उपयोग करें। मोबाइल फोन में हम सभी को जो भी दिखाया जा रहा है, वह सही हो, यह जरूरी नहीं है।”
उन्होंने यह भी कहा कि पांच सौ साल के बाद अयोध्या में राम मंदिर बन सकता है तो अब सब कुछ संभव है। उत्तर प्रदेश में हमने वह कर दिखाया है, जिसे लोग असंभव कहते थे। राज्य में अराजक तत्वों का डिमांड के हिसाब से इलाज होगा। जो जैसे समझेगा, उसे वैसे ही समझाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम चाहे जिस पूजा पद्धति को मानें अथवा किसी भी मठ या सम्प्रदाय से जुड़े हों, हमारी सुरक्षा तभी सुनिश्चित है जब सनातन धर्म सुरक्षित रहेगा। सनातन धर्म की सुरक्षा की राष्ट्र की सुरक्षा पर निर्भर करती है। योगी ने कहा कि प्रयागराज महाकुंभ से दुनिया को एकता का संदेश गया है। यह सनातनी ही विरासत थी कि हम इतना भव्य आयोजन कर सके।