“विश्व कल्याण के लिए नवाचार” की यात्रा पर बढ़ रहे देश के युवा: प्रधानमंत्री मोदी

मुंबई,  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को विज्ञान और चिकित्सा जैसे क्षेत्रों में पुरातन भारतीय ज्ञान परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि देश का युवा वर्ग आज “विश्व कल्याण के लिए नवाचार” की दिशा में बढ़ रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने यहां ‘इंडिया-फ्रांस नवाचार वर्ष’ के आयोजन के मौके पर फ्रांस से राष्ट्रपति इमैन्युएल मैक्रां की मौजूदगी में दोनों देशों को दुनिया के बड़े नवाचार हब बताते हुए कहा कि ‘स्टार्टअप इंडिया’ कार्यक्रम से देश में नवाचार संस्कृति बढ़ी है। साल 2014 में देश में मात्र चार यूनिकॉर्न (एक अरब डॉलर या उससे अधिक का कारोबार करने वाली कंपनी) थे जिनकी संख्या अब बढ़कर 120 से अधिक हो गयी है।

उन्होंने कहा, “भारत अपनी हजारों वर्षों की यात्रा में गणित, चिकित्सा, धातुकर्म और आर्किटेक्चर जैसे अनेक क्षेत्रों में मानव कल्याण के लिए नवाचार करता रहा है। अब 21वीं सदी में भी भारत के युवा “विश्व कल्याण के लिए नवाचार” की उसी यात्रा पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।”

उन्होंने कहा कि भारत और फ्रांस का रिश्ता नवाचार के साथ-साथ विश्वास और साझा मूल्यों का भी है। इसी सोच के साथ राष्ट्रपति मैक्रां के साथ उन्होंने वर्ष 2026 को भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय किया है। यह साझा प्रतिबद्धता भी है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अटल इनोवेशन मिशन आने वाली 24 फरवरी को एक दशक पूरा करेगा। दस हजार से ज्यादा टिंकरिंग लैब आज एक करोड़ से ज्यादा नवाचारी छात्रों के साथ काम कर रही हैं। अनुसंधान और नवाचार में आज महिलाएं भी बढ़-चढ़कर आगे आ रही हैं। आज लगभग 50 प्रतिशत स्टार्टअप में कम से कम एक महिला निदेशक है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज देश में “कर सकते हैं” का आशावाद उभर रहा है।

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