वैश्विक कारकों से तय होगी बाजार की दिशा

मुंबई, घरेलू शेयर बाजारों में पिछले सप्ताह रही डेढ़ फीसदी से अधिक की तेजी के बाद आने वाले सप्ताह में वैश्विक कारक बाजार की दिशा तय करेंगे।
घरेलू स्तर पर कंपनियों के तिमाही परिणाम कुल मिलाकर अच्छे रहे हैं और बाजार इस समय अपने उच्चतम स्तर के करीब बना हुआ है। अब निवेशकों की नजर भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता की प्रगति पर है। साथ ही अगले सप्ताह आयात-निर्यात के आंकड़े आने वाले हैं जो बाजार को प्रभावित कर सकते हैं।
लगातार दो सप्ताह की गिरावट के बाद बीते सप्ताह बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 1,346.50 अंक (1.62 प्रतिशत) की बढ़त हासिल कर शुक्रवार को 84,562.78 अंक पर पहुंच गया। पांचों दिन सूचकांक हरे निशान में बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी 417.75 अंक यानी (1.64 फीसदी) की साप्ताहिक बढ़त के साथ 25,910.05 अंक पर बंद हुआ।
मझौली और छोटी कंपनियों में अपेक्षाकृत कम तेजी रही। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 1.58 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 0.98 प्रतिशत की साप्ताहिक बढ़त में रहा।
सेंसेक्स की 30 में से 22 कंपनियों के शेयरों में साप्ताहिक बढ़त देखी गयी। अच्छे तिमाही परिणाम के दम पर एशियन पेंट्स का शेयर 11 प्रतिशत उछल गया। एचसीएल टेक्नोलॉजीज में 5.40 प्रतिशत, भारती एयरटेल में 4.88, अडानी पोर्ट्स में 4.34, टीसीएस और सनफार्मा दोनों में 3.76, टेक महिंद्रा में 3.68 और बीईएल में 3.07 प्रतिशत की तेजी रही।
सप्ताह के दौरान एलएंडटी का शेयर 2.93 फीसदी, रिलायंस इंडस्ट्रीज का 2.75, आईसीआईसीआई बैंक का 2.17, इंफोसिस का 1.70, एक्सिस बैंक का 1.59, टाइटन का 1.48, मारुति सुजुकी का 1.30 और भारतीय स्टेट बैंक का शेयर 1.19 प्रतिशत चढ़ा। आईटीसी, एनटीपीसी, एचडीएफसी बैंक और हिंदुस्तान यूनीलिवर के शेयर भी हरे निशान में रहे।
ट्रेंट में सबसे अधिक 5.09 प्रतिशत की साप्ताहिक गिरावट रही। बजाज फाइनेंस का शेयर 4.54 फीसदी, टाटा स्टील का 4.02, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स का 3.46, इटरनल का 0.78 और कोटक महिंद्रा बैंक का 0.67 प्रतिशत टूट गया।





