नई दिल्ली, व्यापमं घोटाले में सीबीआई ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को क्लीन चिट दे दी है. सीबीआई ने अपनी जांच में कांग्रेसी नेता दिग्विजय सिंह के उन आरोपों को खारिज कर दिया जिसमें उन्होने आरोप लगाया था कि शिवराज सिंह चौहान को बचाने के लिए हार्ड डिस्क से छेड़छाड़ किया गया है.
व्यापमं घोटाले में कांग्रेसी नेता दिग्विजय सिंह और याचिकाकर्ता प्रशांत पाण्डेय ने आरोप लगाया था कि व्यापमं के अधिकारी नीतीश मोहिंदर के कम्प्यूटर हार्ड डिस्क के साथ छेड़खानी की गई है और 48 बार फाइल में से सीएम शब्द को निकाला गया है. प्रशांत पाण्डेय ने इसके लिए बतौर सबूत एक पेन ड्राइव भी सीबीआई को मुहैया कराई थी. सीबीआई की जांच में पाया गया कि हार्ड डिस्क से किसी तरह की छेड़खानी नहीं की गई है. साथ ही जो सबूत सीबीआई को दिए थे उसे बनाया गया था और वो पूरी तरह से गलत थे.
व्यापमं घोटाले में मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के आरोपों के बाद अदालत ने मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी. सीबीआई ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में व्यापम मामले में चार्जशीट दायर की, जिसमें 490 लोगों को आरोपी बनाया गया है. साथ ही अपनी जांच रिपोर्ट में कहा है कि जांच एजेंसियों द्वारा जब्त की गई हार्ड डिस्क के साथ किसी तरह की कोई छेड़छाड़ नहीं हुई है.
सीबीआई ने जिन 490 आरोपियों के खिलाफ चालान पेश किया है, उनमें तीन व्यापमं के अधिकारी, तीन रैकेटियर, 17 बिचौलिए, 297 सॉल्वर और 170 वे अभिभावक हैं, जिनके बच्चों को परीक्षा में फायदा हुआ है. कांग्रेस ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को सीबीआई द्वारा क्लीनचिट दिए जाने के मामले में प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये कहा है कि यह सुप्रीम कोर्ट की अवमानना है.