संविदा और आउटसोर्सिंग में भी आरक्षण देगी सरकार : उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य

लखनऊ, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि प्रदेश सरकार आरक्षण से जुड़े सभी संवैधानिक प्रावधानों का पालन कर रही है और संविदा तथा आउटसोर्सिंग के माध्यम से होने वाली भर्तियों में भी आरक्षण की व्यवस्था लागू की जाएगी।
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने यह बात बुधवार को विधान परिषद में समाजवादी पार्टी की ओर से आरक्षण के मुद्दे को उठाये जाने पर कही। इससे पहले सपा नेताओं ने भर्तियों में आरक्षण का पालन न किए जाने के आरोपों को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सदन से बहिर्गमन किया। सपा सदस्यों के आरोपों का जवाब देते हुए उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि राज्य सरकार आरक्षण से जुड़े सभी संवैधानिक प्रावधानों का सख्ती से पालन कर रही है और किसी भी स्तर पर आरक्षण में गड़बड़ी नहीं होने दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई हालिया बैठक में लेखपाल भर्ती से संबंधित विज्ञापन को पुनः प्रकाशित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आरक्षण के नियमों का पूरी तरह अनुपालन सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा, “यदि कहीं केवल एक पद भी है, तो वहां भी आरक्षण की चोरी किसी भी हाल में नहीं होने दी जाएगी।”
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि सपा सरकार के दौरान अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) का 27 प्रतिशत आरक्षण व्यवहार में एक ही जाति तक सिमट कर रह गया था। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार सामाजिक न्याय के सिद्धांत पर पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है और संविदा तथा आउटसोर्सिंग के माध्यम से होने वाली नियुक्तियों में भी आरक्षण की व्यवस्था लागू की जाएगी।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि संविधान के तहत पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए 27 प्रतिशत, अनुसूचित जाति के लिए 21 प्रतिशत, अनुसूचित जनजाति के लिए दो प्रतिशत तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है। उन्होंने दो टूक कहा कि इन संवैधानिक प्रावधानों के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ सरकार किसी भी दशा में नहीं होने देगी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि आरक्षण का लाभ वास्तविक पात्रों तक पहुंचे और सामाजिक न्याय की भावना को मजबूती मिले।





