सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने साझा किया सारसों का वीडियो

इटावा, समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने गृह जिले इटावा के खेतों में विचरण कर रहे सारस पक्षियों का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा कर एक बार फिर अपने पर्यावरण प्रेम का परिचय दिया है।
पार्टी अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री यादव समय-समय पर पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण से जुड़े विषयों को उठाते रहे हैं। उनके द्वारा साझा किए गए वीडियो के बाद इटावा में सारस पक्षियों की मौजूदगी एक बार फिर चर्चा में आ गई है। वन विभाग के अनुसार हाल ही में प्रदेश में कराई गई सारस गणना में इटावा वन प्रभाग 3304 सारस पक्षियों के साथ राज्य में शीर्ष स्थान पर रहा है। इससे पहले वर्ष 2025 में यहां करीब 3000, वर्ष 2024 में 3289 और वर्ष 2023 में 3280 सारस दर्ज किए गए थे।
अधिकारियों का कहना है कि सारसों की बढ़ती संख्या वन विभाग, पर्यावरण संस्थाओं और स्थानीय ग्रामीणों के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है। प्रदेश के 68 वन प्रभागों में हुई शीतकालीन गणना में कुल 20,628 सारस पाए गए, जो पिछले वर्ष के 19,994 की तुलना में 634 अधिक हैं।
वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार सारस विश्व का सबसे ऊंचा उड़ने वाला पक्षी माना जाता है और इसकी लगभग 70 प्रतिशत आबादी उत्तर प्रदेश में पाई जाती है। यह पक्षी मुख्यतः धान के खेतों, दलदली क्षेत्रों, तालाबों और जल स्रोतों के आसपास पाया जाता है तथा कीड़े-मकोड़े, छोटी मछलियां और अन्य छोटे जीव इसका भोजन होते हैं।
जिला वन अधिकारी विकास नायक ने बताया कि इटावा में सारसों की अधिक संख्या वन विभाग, पर्यावरण संस्थाओं और स्थानीय लोगों के सहयोग से संभव हुई है। उन्होंने कहा कि सारस संरक्षण के लिए आगे भी प्रयास जारी रहें।





