सपा सरकार बनने पर दाम बांधों नीति होगी लागू : अखिलेश यादव

लखनऊ, समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार को नोएडा से जुड़े मुद्दे पर बात करते हुए कहा कि दिल्ली से सटे इस इलाके में कारोबारी और निवेशक तो आ रहे हैं, लेकिन जिन किसानों की जमीन पर ये कारोबार फल-फूल रहा है, उनकी मांगें पूरी नहीं हो रही हैं।

उन्होने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार षड्यंत्र और दबाव बनाकर किसानों से ज़मीन ले रही है’। उन्होंने कहा “ हमारी सरकार आने पर किसानों को सर्किल रेट से अधिक मुआवज़ा मिलेगा और नोएडा से लखनऊ तक बेहतर सड़कें बनाई जाएंगी।”

गुरुवार को बसपा व अपना दल एस के कई नेता व समर्थकों ने समाजवादी पार्टी में आस्था जताते हुए सदस्यता ग्रहण की। इस मौके पर प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि किसानों के साथ अन्याय की कीमत पर विकास को सही नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने कहा कि नोएडा इंटरनेशनल ट्रेड फेयर का आयोजन ऐसे वक्त पर हो रहा है जब अमेरिका टैरिफ लगा रहा है और भारतीय कारोबार को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है। ओडीओपी को बचाने के लिए सरकार को बताना चाहिए कि वह क्या कर रही है।

उन्होंने कहा कि मंहगाई लगातार बढ़ रही है। इस पर काबू पाने के लिए कोई इंतजाम नही है। उन्होंने ऐलान किया कि 2027 में सपा की सरकार बनने पर नेताजी और डॉ. लोहिया की ‘दाम बांधो’ नीति लागू की जाएगी, ताकि महंगाई पर काबू पाया जा सके।
सतीश प्रदीप
वार्ता

अखिलेश यादव ने कहा कि यूपी में भाजपा ने भ्रष्टाचार के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। विधायक मंच से बोल रहे हैं कि 10 प्रतिशत कमीशन है उस पर बोलेंगे नहीं और हमें क्रीम, पाउडर और शैंपू में उलझा रहे हैं। हम भी बाजार जाएंगे। उन्होंने कहा कि जो लोग ज्यादा मुनाफा कमा रहे हैं उन्हीं से बात की जा रही है।

कानपुर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वहां अपराधी, बीजेपी और पुलिस मिलकर जनता को परेशान कर रहे हैं। पुलिस खुद किडनैपिंग कर रही है और फिरौती मांग रही है। कई आईपीएस अधिकारी और पुलिसकर्मी खुलासे के बाद बेनकाब होंगे। अखिलेश यादव ने जोर देकर कहा कि जाति हमारा पहला इमोशनल कनेक्ट है। उन्होंने बाबा साहेब आंबेडकर और मंडल कमीशन का हवाला देते हुए कहा कि संविधान ने भी आरक्षण जाति के आधार पर ही दिया है। उन्होंने सरकार से पूछा कि एसटीएफ में कितने पिछड़े वर्ग के लोग हैं और आरोप लगाया कि भाजपा सरकार लगातार एससी, एसटी और पिछड़े वर्ग का अपमान कर रही है।

इस दौरान उन्होंने ओमप्रकाश राजभर का नाम लिए बिना उनके शीघ्र स्वास्थ्य ठीक होने की कामना भी जताई। प्रेसवार्ता में उन्होंने हिंसा भड़काने वालों के खिलाफ सख्ती बरतने और सामाजिक न्याय पर ध्यान देने की बात दोहराई। वाराणसी में सीवरेज और एनटीपीसी का प्लांट आबादी के बीच लगाने पर अखिलेश ने चिंता जताई और कहा कि इससे लोगों के जीवन पर बुरा असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यदि सरकार कहती है कि बजट सरप्लस है तो उन परियोजनाओं को शिफ्ट कराया जाए।अम्बेडकरनगर में प्लांटों को आधुनिक तरीकों से नियंत्रित करने की भी मांग की।

अखिलेश ने लेह-लद्दाख की स्थिति पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि भाजपा ने वहां के लोगों से स्टेटहुड का वादा किया था, जिसे तोड़ा गया। यह बॉर्डर स्टेट है, जहां चीन घुसपैठ कर चुका है। सरकार को वहां अधिक बजट और विकास कार्यों पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेता मुंह से स्वदेशी और मन से विदेशी हैं, क्योंकि चीन हमारे बाज़ार पर कब्ज़ा कर चुका है। मेक इन इंडिया पर तंज कसते हुए अखिलेश ने कहा कि अगर सच में मेक इन इंडिया को बढ़ावा देना है तो मुख्यमंत्री को हटाइए, क्योंकि उन्हें विदेश जाना पसंद नहीं है। सुना है कि एच वन वीजा वाले लोगों ने ही इनकी सरकार को सबसे ज्यादा वोट दिए हैं।

हाल ही में गंगाजल से घर धुलाने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सरकार बताए कि इसके लिए कौन-सा एक्ट है? जिनके घर धुलवाए गए उन पर क्या कार्रवाई हुई? जब तक जवाब नहीं मिलेगा, अभियान जारी रहेगा।

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