सबको सुरक्षा का एहसास ही रामराज्य की अवधारणा : मुख्यमंत्री योगी

गोरखपुर, गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में सबको सुरक्षा का एहसास है और सबको विश्वास है, सबके मन में एक दूसरे के प्रति सम्मान का भाव है और यही एहसास और विश्वास राम राज्य की अवधारणा है।
सोमवार शाम गोरखपुर स्थित पांडेयहाता में होलिकादहन उत्सव समिति की ओर से आयोजित भक्त प्रह्लाद शोभायात्रा के अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए उन्होने कहा कि उत्तर प्रदेश में आज कोई तनाव नहीं है। कोई भय नहीं, कोई अराजकता नहीं और न ही कोई गुंडागर्दी। सबको सुरक्षा का एहसास है और सबको विश्वास है और यही एहसास और विश्वास राम राज्य की अवधारणा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी यही कहते हैं कि जब ऐसी स्थिति रहेगी तो भारत को विकसित बनने में कोई देर नहीं लगेगी।
होलिकादहन के दिन भक्त प्रह्लाद की शोभायात्रा का शुभारंभ करने से पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा “आज पूरी दुनिया के अंदर, उपद्रव, अराजकता और अव्यवस्था है पर हम भारतवासी गर्व कर सकते हैं कि पीएम मोदी के नेतृत्व में देश का यशस्वी नेतृत्व देश को नई बुलंदी देते हुए नए भारत का दर्शन करा रहा है। नया भारत हरेक व्यक्ति और हरेक तबके को अवसर देकर उत्सवी वातावरण देता है।”
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि हमारे यहां पर्व, त्योहारों की लंबी श्रृंखला है पर 2014 के पहले लोग बेहतर तरीके से उत्सव नहीं मना पाते थे। यूपी में तो पर्व, त्योहार के पहले कर्फ्यू लग जाता था। समाज में भय और तनाव रहता था। तबकी सरकारें समाज को बांटती थीं और इसका परिणाम व्यापारी और नागरिक चुकाते थे तब गुंडागर्दी, अराजकता चरम पर थी। न बेटी सुरक्षित थी और न ही व्यापारी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का उत्तर प्रदेश सुरक्षा और सुविधा देकर उत्सव प्रदेश बन चुका है। अब यूपी में न कर्फ्यू है और न दंगा है यूपी में अब सब चंगा है। सब ओर उत्सव का माहौल है। पिछले पंद्रह दिनों से मथुरा.वृंदावन में होली का कार्यक्रम चल रहा है। सबकुछ स्वतः स्फूर्त देखकर विदेशियों की आंखे फटी रह जाती हैं।
उन्होंने कहा कि जो लोग हमपर आरोप लगाते थे कि हम बंटे हुए हैं, वे बताएं कहां बंटे दिख रहे हैं। उत्सव के बड़ी संख्या में लोग आए हैं। किसी की जाति का पता नहीं है लेकिन सभी लोग होली का आनंद ले रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अव्यवस्था से व्यवस्था, अराजकता से अनुशासन, अधर्म से धर्म, असत्य से सत्य की जब यात्रा होती है तभी हम उपद्रव से उबरकर उत्सव की यात्रा का हिस्सा बनते हैं। यही उत्सव आज गोरखपुर के विरासत गलियारा में देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले पांडेयहाता आने को संकरी गली थी। वाहन मुश्किल से आ पाता था। व्यापार अस्त व्यस्त था। ग्राहक नहीं आ पाते थे। अराजकता का साम्राज्य था।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि गोरखपुर का विरासत गलियारा प्रदेश का सबसे खूबसूरत गलियारा होगा। उन्होंने कहा कि विरासत गलियारा बनने से प्रभावित व्यापारियों को घण्टाघर के बंधु सिंह पार्क में कुछ दुकानें दी जा रही हैं। इसके बाद अन्य जो दुकानदार शेष रह जाएंगे उनके लिए डायट के पास कॉम्प्लेक्स बनाया जाएगा। जगह चिन्हित करने के साथ पैसा भी आवंटित कर दिया गया है। सरकार का संकल्प है कि किसी को उजड़ने नहीं देना है बल्कि अवसर देकर आगे बढ़ाना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विरासत गलियारा पहले पूर्वी यूपी, बिहार और नेपाल के व्यापारियों और नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण केंद्र होता था। सुविधा न देने, कंजेशन और जाम के कारण यहां का कारोबार उजड़ने लगा था। उन्होंने कहा कि अब विरासत गलियारा नव विकास से एक बार फिर व्यापार का प्रमुख केंद्र हो जाएगा।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सबके जीवन में खुशहाली लाने के लिए डबल इंजन की सरकार सुरक्षा और सुविधा दे रही है। इसी भाव से जब गोरखपुर विकास करेगा तो प्रदेश और देश का भी विकास होगा।उन्होंने कहा कि विकास नीचे से ऊपर आता है। विरासत गलियारा के व्यापारियों के मन में पीड़ा थी लेकिन उन्होंने इसे व्यक्त करने की बजाय शासन, प्रशासन का सहयोग किया। इसी के परिणामस्वरूप आज शानदार विरासत गलियारा बनकर तैयार हो रहा है। यहां की सड़कें पहले से तीन गुना अधिक चौड़ी होंगी। फसाड लाइट लग जाने के बाद यह प्रदेश का सबसे शानदार गलियारा होगा।
होलिकादहन के महात्म्य, भक्त प्रह्लाद और हिरण्यकश्यप की कथा का उल्लेख करते हुए योगी ने कहा कि कभी हिरण्यकश्यप माफिया, आतंकवाद, उग्रवाद के रूप में पनपा रहा होगा। उस समय भगवान विष्णु ने भगवान नृसिंह का अवतार लेकर हिरण्यकश्यप का वध किया था और धर्म की स्थापना की थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें याद रखना होगा कि अराजकता, गुंडागर्दी, माफियागिरी भी हिरण्यकश्यप जैसे ही हैं ये प्यार से नही मानेंगे क्योंकि लातों के भूत बातों से नहीं मानते हैं। उन्होंने कहा कि अराजकता, गुंडागर्दी, अव्यवस्था जैसे हिरण्यकश्यप, कंस, रावण को मारने के लिए किसी न किसी नृसिंह, कृष्ण या राम को अवतरित होना ही पड़ेगा।





