समाजवादी पार्टी सपा विधायक मोहम्मद फहीम के ओबीसी सर्टिफिकेट निरस्त

मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में बिलारी विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायक मोहम्मद फहीम इरफान को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। उनके ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) जाति प्रमाण पत्र को फर्जी पाए जाने के बाद 6 फरवरी 2026 को निरस्त कर दिया गया है।
उल्लेखनीय है कि पिछले विधानसभा सत्र में बहस के दौरान जल मिशन को लेकर मोहम्मद फहीम द्वारा सदन में सवाल उठाए जाने पर जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने पलटवार करते हुए कहा था कि खाओ बीवी की कसम?
जिलाधिकारी अनुज सिंह की अध्यक्षता में गठित जनपद स्तरीय जाति प्रमाण पत्र सत्यापन समिति ने लंबी जांच, सुनवाई और दस्तावेजों की जांच के बाद यह फैसला सुनाया। जांच में पाया गया कि विधायक मोहम्मद फहीम इरफान का झोजा जाति से संबंध स्पष्ट नहीं है, जबकि उन्होंने इसी जाति के आधार पर ओबीसी प्रमाण पत्र प्राप्त किया था।
समिति ने राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के 1997-98 के फैसले का हवाला दिया, जिसमें स्पष्ट किया गया था कि झोजा और तुर्क जातियां समानार्थी नहीं हैं। केंद्रीय ओबीसी सूची में केवल झोजा शामिल है, जबकि तुर्क अलग श्रेणी में आती है और सामान्य वर्ग में गिनी जाती है। बिलारी क्षेत्र में मुख्य रूप से तुर्क जाति के लोग निवास करते हैं।
इसके अलावा, जांच में सामने आया कि विधायक के दादा मोहम्मद इस्लाम लेखपाल थे और उन्होंने खुद को सामान्य वर्ग में दर्ज कराया था। विधायक के चाचा मोहम्मद उस्मान तथा उनकी दो बेटियों कुमारी फरहीन जहां और समरीन जहां के ओबीसी प्रमाण पत्र भी इसी आधार पर रद्द कर दिए गए हैं।
समिति के आदेश में कहा गया है कि मोहम्मद फहीम इरफान पुत्र स्व. मोहम्मद इरफान, निवासी ग्राम इब्राहिमपुर, तहसील बिलारी का झोजा जाति में अन्य पिछड़ा वर्ग के रूप में वर्गीकृत होना सिद्ध नहीं हुआ है। इसलिए उन्हें इस जाति का लाभ देना उचित नहीं है।
यह मामला 19 जुलाई 2024 से चला आ रहा है, जब बिलारी के गांव सिहाली निवासी विश्वास यादव उर्फ लवली यादव ने राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग में शिकायत दर्ज की थी। लवली यादव ने 2015 के जिला पंचायत चुनाव में फहीम के सामने चुनाव लड़ा था, लेकिन वह हार गए थे। तब फहीम ने कथित तौर पर ओबीसी आरक्षित वार्ड नंबर 37 पर प्रमाण पत्र का इस्तेमाल किया था। विवाद तब से चला आ रहा था।
बाद में हुए उपचुनावों में लवली यादव ने फहीम के छोटे भाई मोहम्मद हसन फैजी को हराकर जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जीता था।
बिलारी विधानसभा सीट 2012 में कुंदरकी से अलग होकर बनी थी। यहां फहीम के पिता हाजी मोहम्मद इरफान समाजवादी पार्टी (सपा) से विधायक चुने गए थे, लेकिन 2016 में सड़क दुर्घटना में अचानक उनकी मौत हो गई। उसके बाद उपचुनाव में फहीम विधायक बने।
विधानसभा सत्र के दौरान मोहम्मद फहीम फिलहाल लखनऊ में हैं, इसलिए उनका पक्ष अभी उपलब्ध नहीं हो सका है।
यह घटना उत्तर प्रदेश की राजनीति में जाति प्रमाण पत्रों की सत्यापन प्रक्रिया को लेकर चर्चा का विषय बन गई है।





