समाज में वैमनस्य फैलाने वाला कंटेंट बर्दाश्त नहीं : उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक

मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कहा है कि सरकार जाति या किसी भी वर्ग के नाम पर वैमनस्य फैलाने की अनुमति नहीं देगी। ओटीटी प्लेटफॉर्म पर प्रसारित “घूसखोर पंडित” शीर्षक को लेकर उठे विवाद पर उन्होंने कहा कि सरकार ने सख्ती दिखाते हुए इस पर रोक लगवाई है।

शुक्रवार को मुरादाबाद रेलवे स्टेशन पर पत्रकारों से बातचीत में श्री पाठक ने कहा कि संबंधित फिल्म का शीर्षक समाज के एक वर्ग की भावनाओं को आहत करने वाला था और इससे सामाजिक सौहार्द को ठेस पहुंच सकती थी। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय बताते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने समय रहते केंद्र सरकार से हस्तक्षेप का अनुरोध किया था। केंद्र द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए ओटीटी प्लेटफॉर्म को विवादित नाम हटाने के निर्देश दिए गए, जिसके लिए उन्होंने आभार व्यक्त किया।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि केवल नाम परिवर्तन पर्याप्त नहीं है, बल्कि भविष्य में भी इस प्रकार के आपत्तिजनक विषयों पर आधारित फिल्म, वेब सीरीज या धारावाहिकों के निर्माण पर रोक लगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर ऐसा कोई कंटेंट स्वीकार नहीं किया जा सकता जो समाज में नफरत या विभाजन की भावना पैदा करे। ओटीटी प्लेटफॉर्म को अपनी सामाजिक जिम्मेदारी समझनी चाहिए।

मतदाता सूची और वोट कटने के संबंध में समाजवादी पार्टी द्वारा लगाए जा रहे आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए श्री पाठक ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया नियमित और संवैधानिक है। उन्होंने सपा पर राजनीतिक लाभ के लिए भ्रम फैलाने का आरोप लगाया और दावा किया कि वर्तमान सरकार में प्रदेश में कानून का राज स्थापित है तथा जनता स्वयं को सुरक्षित महसूस कर रही है।

उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक शुक्रवार शाम लगभग छह बजे ट्रेन से मुरादाबाद पहुंचे थे, जहां स्थानीय लोगों ने उनका स्वागत किया। वे कांठ रोड स्थित एक होटल में आयोजित एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने आए थे।

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