स्वस्थ उत्तर प्रदेश’ के दावे का जमीनी हकीकत से मेल नहीं : आप

लखनऊ,  आम आदमी पार्टी (आप) उत्तर प्रदेश ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर योगी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि ‘स्वस्थ उत्तर प्रदेश’ का दावा जमीनी हकीकत से मेल नहीं खाता। पार्टी के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता वंशराज दुबे ने कहा कि प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों के 8,689 पद खाली पड़े हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं गंभीर रूप से प्रभावित हो रही हैं।

शुक्रवार को उन्होंने कहा कि राजधानी लखनऊ से लेकर ग्रामीण इलाकों तक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) और जिला अस्पतालों में डॉक्टरों की भारी कमी है। मरीजों को इलाज के लिए लंबी कतारों में लगना पड़ता है और कई बार डॉक्टरों की अनुपस्थिति में उन्हें वापस लौटना पड़ता है। दुबे ने आरोप लगाया कि डॉक्टरों की कमी के कारण गरीब मरीजों को मजबूरी में निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ता है, जहां उनसे मनमाने तरीके से पैसे वसूले जाते हैं।

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि लेवल-2 के 7,240 पदों में से 5,497 पद खाली हैं, जबकि लेवल-3 के 5,199 पदों में केवल 2,007 डॉक्टर ही कार्यरत हैं। इसके अलावा संयुक्त निदेशक के 2,555 पदों में से 1,330 पद, एडिशनल डायरेक्टर के 70 में से 58 पद और डिप्टी डायरेक्टर (सर्जन) के 970 में से 157 पद खाली हैं।

वंशराज दुबे ने कहा कि सरकार ने 2,391 डॉक्टरों की भर्ती प्रक्रिया शुरू की थी, जिसमें 601 विशेषज्ञ और 1,790 एमबीबीएस डॉक्टरों के पद शामिल थे। आवेदन और इंटरव्यू होने के बाद भी अब तक परिणाम घोषित नहीं किया गया है, जिससे भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं।

आम आदमी पार्टी ने मांग की है कि प्रदेश के अस्पतालों में खाली पदों पर जल्द पारदर्शी तरीके से भर्ती की जाए और दवाओं व जांच सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

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