स्वामी अविमुक्तश्वरानंद के समर्थन में साधु संतों ने शुरु की धूनी साधना

प्रयागराज, प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के अनशन के समर्थन में मंगलवार को साधु संतों ने एक अनूठी साधना शुरू कर दी है। महामंडलेश्वर कंप्यूटर बाबा की अगुवाई में बड़ी संख्या में संतों ने शिविर के सामने धूनी साधना शुरू कर दिया है।वैष्णव संत वसंत पंचमी से गंगा दशहरा तक अपने चारों तरफ आग जलाकर कठिन तपस्या करते हैं,इसे ही धूनी तापना कहते हैं और इससे संत शरीर की ताप सहने की क्षमता बढ़ाते हैं,धूनी तापकर संतों ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का समर्थन किया। पिछले दस दिनों से त्रिवेणी मार्ग स्थित शिविर के बाहर पालकी पर बैठे स्वामी अविमुक्तेश्वरा नंद मेला प्रशासन से ससम्मान गंगा स्नान कराने की मांग कर रहे है। गौरतलब है कि मौनी अमावस्या पर पालकी के साथ स्नान करने संगम नोज जा रहे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को मेला प्रशासन ने रोका था। प्रशासन ने संगम नोज पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ का हवाला देते हुए पैदल जाने का अनुरोध किया था। उनके शिष्यों के साथ पुलिस की धक्का मुक्की और मारपीट हुई थी। इसके बाद बिना संगम स्नान के ही स्वामी अविमुक्तेश्वरा नंद सरस्वती शिविर वापस लौट आए थे, उन्होंने शिविर के अंदर प्रवेश नहीं किया है।
जहां पर पुलिस वाले पालकी समेत छोड़ गए थे वहीं पर वो 18 जनवरी से अभी तक धरने पर बैठे हैं। आज अब उनके साथ और भी साधु संतों ने उनके समर्थन में धूनी साधना शुरू कर प्रशासन को चेतावनी दी है कि जल्द से जल्द स्वामी अविमुक्तेश्वरा नंद सरस्वती जी को गंगा स्नान के लिए ससम्मान ले जाए तभी ये धरना खत्म होगा।





