हेल्थ सेक्टर बनेगा विकसित भारत की रीढ़: ब्रजेश पाठक

लखनऊ,  उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत” के संकल्प को पूरा करने में स्वास्थ्य क्षेत्र सबसे अहम भूमिका निभाएगा।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के दूरदर्शी विजन के साथ उत्तर प्रदेश लगातार प्रगति के नए मानक स्थापित कर रहा है और प्रदेश की अगुवाई में भारत स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में जल्द ही वैश्विक स्तर पर गौरवपूर्ण स्थान हासिल करेगा।

उपमुख्यमंत्री रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में आयोजित यूपी हेल्थ टेक कॉन्क्लेव 1.0 के पहले संस्करण के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि किसी भी राष्ट्र की प्रगति और उसकी अंतरराष्ट्रीय छवि का आकलन करने में हेल्थ सेक्टर सर्वोच्च मानकों में शामिल है। आज जब दुनिया में भारत का उल्लेख होता है, तो हमारे वैज्ञानिकों और टेक्नोलॉजी क्षमता की चर्चा भी गर्व के साथ की जाती है।

उन्होने कहा कि यह कॉन्क्लेव उत्तर प्रदेश में हेल्थ टेक्नोलॉजी को नई दिशा देने का मंच है, जहां यह मंथन होगा कि उत्तर प्रदेश की अगुवाई में भारत हेल्थ सेक्टर में किस प्रकार नए कीर्तिमान बना सकता है। उन्होंने विश्व स्वास्थ्य संगठनों के आकलन का हवाला देते हुए कहा कि 60 से 70 प्रतिशत स्वास्थ्य निर्णय समय पर और सटीक डायग्नोसिस पर निर्भर होते हैं। इसलिए हेल्थ टेक की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।

ब्रजेश पाठक ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डिजिटल हेल्थ को नीति के केंद्र में रखा गया है, ताकि तकनीक के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और परिणामों में सुधार हो सके। डिप्टी सीएम ने स्पष्ट किया कि डिजिटल हेल्थ तभी सफल हो सकती है, जब वह सरल, सुरक्षित और भरोसेमंद हो। केवल “हाईटेक” होना पर्याप्त नहीं, बल्कि आमजन तक उसकी पहुंच और उपयोगिता भी जरूरी है।

ब्रजेश पाठक ने कहा कि उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में हेल्थ टेक का स्केल-अप मातृ-शिशु स्वास्थ्य, गैर-संचारी रोगों, डायग्नोस्टिक्स और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है।

उन्होंने कहा कि एआई और डिजिटल टूल्स का उद्देश्य डॉक्टर की जगह लेना नहीं है, बल्कि क्लिनिकल निर्णयों को अधिक सटीक बनाना है। सरकार का फोकस है कि इनोवेशन केवल लैब तक सीमित न रहे, बल्कि वह जिला अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य व्यवस्था तक पहुंचे।

कार्यक्रम में राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह, मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी, अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष, भारत सरकार के सचिव मनोज जोशी, औषधि महानियंत्रक डॉ. राजीव सिंह रघुवंशी सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।

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