15 वर्षीय बालक ने मुख्यमंत्री योगी को लिखा पत्र, पान-गुटखा थूकने वालों पर हो सख्त कार्रवाई

लखनऊ/प्रयागराज, शहर की स्वच्छता को लेकर जहां अक्सर शिकायतें और बहसें होती रहती हैं, वहीं जिम्मेदारी तय होने पर खामोशी छा जाती है। इसी मुद्दे को उठाते हुए प्रयागराज के झूंसी क्षेत्र के 19 वर्षीय बालक सुमित केसरवानी और उसके छोटे भाई सक्षम केसरवानी (15 वर्ष) ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर सार्वजनिक स्वच्छता और पान-गुटखा खाकर सार्वजनिक स्थानों पर थूकने वालों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में सुमित और कक्षा 9 में पढ़ने वाले सक्षम केसरवानी ने एक घटना का जिक्र करते हुए कहा है कि जब वह स्कूल जा रहे थे तो बस में सवार गुटखा- पान खाये एक व्यक्ति ने सड़क पर थूक दिया। जिसके चलते उनके कपड़े पर दाग पड़ गए। शाम को जब वह किताब खरीदने जा रहे थे तो देखा कि सड़क के किनारे बनी स्टील की रेलिंग पर लोगों ने पान खाकर थूक रखे हैं।
पत्र में दोनों बच्चों ने ने सार्वजनिक स्थलों पर कूड़ा फेंकने तथा पान-गुटखा खाकर इधर-उधर थूकने वालों पर कठोर रोक लगाने और जुर्माना लगाए जाने का सुझाव दिया है। उसका कहना है कि जब तक नियमों का सख्ती से पालन नहीं कराया जाएगा, तब तक लोगों की आदतों में बदलाव संभव नहीं है और शहर को साफ-सुथरा बनाना मुश्किल रहेगा।
सुमित केसरवानी ने पत्र में यह भी लिखा है कि स्वच्छता केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है। अनुशासन और व्यक्तिगत जिम्मेदारी से ही स्वच्छ शहर की परिकल्पना साकार हो सकती है। उसका मानना है कि हर नागरिक की छोटी-छोटी जिम्मेदारियां मिलकर शहर की बड़ी तस्वीर बदल सकती हैं।
मुख्यमंत्री तक पहुंचा यह पत्र उम्र से कहीं बड़ी सोच और सामाजिक चेतना का प्रतीक है। वहीं पत्र को लेकर भारतीय समाजशास्त्र परिषद के अध्यक्ष व लखनऊ विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. डी आर साहू का कहना है कि बच्चे का पत्र सही शिक्षा के मायने और मूल्य दर्शाते हैं कि एक बच्चे ने इस उम्र में साहस दिखाकर मुख्यमंत्री को पत्र भेजा, जो प्रशंसा का पात्र है।
प्रो. डी आर साहू ने कहा कि बच्चे को प्रोत्साहन मिलना चाहिए, इसी क्रम में मुख्यमंत्री स्तर से लोकल बॉडीज को कड़े निर्देश दिया जाना चाहिए जिससे हाइजीन और सेनिटेशन की संस्कृति को बढ़ावा मिल सके। उन्होंने कहा कि यह निर्देश रेलवे और परिवहन को भी दिया जाना चाहिए, जिससे समाज मे एक अच्छी संस्कृति विकसित हो सके।





