प्रयागराज, प्रयागराज के संगम तट पर पिछले 45 दिनों से सनातन आस्था और अध्यात्म का अनवरत प्रवाह महाकुम्भ पर्व के बाद संगम क्षेत्र, घाटों और मेले की स्थाई व आस्थाई सड़कों को साफ और स्वच्छ किया जाएगा।
विश्व के सबसे बड़े मानवीय समागम महाकुम्भ के अवसर पर लगभग 66 करोड़ से ज्यादा लोगों ने पवित्र त्रिवेणी संगम में स्नान किया। महाकुम्भ को दिव्य-भव्य के साथ स्वच्छ महाकुम्भ के तौर पर भी संचालित किया गया। 15,000 से अधिक स्वच्छता मित्रों और लगभग 2000 गंगा सेवा दूतों ने निरंतर गंगा नदी और मेला क्षेत्र को साफ और स्वच्छ बनाये रखने में कोई कसर बाकी नहीं रखी। इसी क्रम में महाकुम्भ के समापन अवसर पर मुख्यमंत्री योगी ने स्वच्छता कर्मियों और गंगा सेवा दूतों को सम्मानित करने के साथ मेला क्षेत्र, संगम के घाटों और प्रयागराज नगर को स्वच्छ और निर्मल बनाने का निर्देश दिया है। ताकि महाकुम्भ के बाद भी तीर्थराज प्रयागराज में आने वाले श्रद्धालु साफ और स्वच्छ संगम में पवित्र स्नान कर सकें।
मेले की विशेष कार्यधिकारी आकांक्षा राना ने योगी के निर्देशों के अनुरूप शुक्रवार से महाकुम्भ मेला क्षेत्र की सफाई के विशेष अभियान की शुरूआत कर दी है। जिसके तहत अगले 15 दिनों तक निरंतर संगम के घाटों, मेला क्षेत्र, मंदिरों और स्थाई व अस्थाई सड़कों को साफ और स्वच्छ करने का कार्य किया जाएगा। इसके साथ ही मेला क्षेत्र में लगाये गये 1.5 लाख अस्थाई शौचालयों को भी डिसमेंटल कर हटाया जाएगा। मेला क्षेत्र से निकलने वाले कूड़े का निस्तारण नैनी स्थित बसवार प्लांट में किया जाएगा। इसके साथ ही जल निगम नगरीय और ग्रामीण की ओर से बिछाई गई पाइप लाइन और विद्युत विभाग की ओर से लगाई गई स्ट्रीट लाइटों को भी मेले क्षेत्र से हटाने का कार्य शुरू हो गया है। मेला क्षेत्र में लगाये गये साधु-संन्यासियों और कल्पवासियों के टेंट और पण्डाल हटाये जा रहे हैं। साथ ही नगर निगम प्रयागराज शहर को हरित, साफ और स्वच्छ बनाने का कार्य सुचारू रूप से कर रहा है।