आजादी की 100वीं वर्षगांठ पर देश में सबसे विकसित राज्य हो उत्तर प्रदेश : सुरेश खन्ना

लखनऊ, संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने उम्मीद जाहिर की कि आजादी की 100वीं वर्षगांठ तक उत्तर प्रदेश देश का सबसे विकसित राज्य के तौर पर उभरेगा।
राज्य विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन बुधवार को विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश, आत्मनिर्भर भारत-आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के विजन डॉक्यूमेंट पर 24 घण्टे की चर्चा में भाग लेते हुये श्री खन्ना ने कहा कि जब आजादी की 100वीं वर्षगांठ मनाई जाए तो देश में सबसे विकसित राज्य के रूप में यूपी हो, इसके लिए हम काम करेंगे। बच्चों को आत्मनिर्भर बनने की शिक्षा देने की जरूरत है।
जापान में भगवान बुद्ध को मानने वाले 50 प्रतिशत से अधिक लोग हैं। वहां बच्चों से पूछा जाता है कि भगवान बुद्ध आपके देश पर हमला करना चाहे तो क्या करेंगे, तो वहां के बच्चे कहते हैं कि हमको भगवान बुद्ध से भी लड़ना पड़े तो लड़ेंगे, लेकिन अपने देश की रक्षा करेंगे। देशप्रेम की ऐसी भावना अपने बच्चों में विकसित होना चाहिए। शुरू हो गई।
उन्होंने कहा कि प्रदेश ने बीते साढ़े आठ साल में शिक्षा और स्वास्थ्य हर क्षेत्र में प्रगति की है। अब 2047 तक विकसित प्रदेश बनाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। आठ वर्षों में लगातार काम करने का नतीजा है कि बीमारु राज्य की श्रेणी में आने वाला उत्तर प्रदेश अब प्रोग्रेसिव राज्य की तरफ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि भारत तभी विकसित राष्ट्र बनेगा, जब राज्य विकसित होने के लिए ठोस एवं प्रभावी कदम उठाएंगे। इसलिए इसका प्रारंभ चर्चा के साथ किया जा रहा है। हम नीति आयोग, विशेषज्ञों एवं अन्य संस्थाओं के सहयोग से 2047 के विकसित उत्तर प्रदेश के दृष्टि-पत्र को मूर्तरूप देंगे, जो इस लक्ष्य को प्राप्त करने में एक कार्य योजना की तरह प्रदेश का मार्गदर्शन करेगा।
खन्ना ने कहा कि यह हिंदुस्तान की पहली विधानसभा है, जहां विजन डॉक्यूमेंट पर चर्चा हो रही है। 2047 की जो परिकल्पना प्रस्तुत की गई है, उसमें प्रदेश की अर्थव्यवस्था को देश की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बनाना है।
चर्चा शुरू होने से पूर्व नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने विजन डॉक्यूमेंट पर चर्चा के लिए समय सीमा बढ़ाने की मांग की। उन्होंने कहा कि विजन डॉक्यूमेंट पर चर्चा के लिए और अधिक समय मिलना चाहिए। आखिर विजन डॉक्यूमेंट पर चर्चा को लेकर भाजपा क्या छिपाना चाहती है। चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने सरकार से बीते साढ़े आठ वर्षों में किए गए विकास कार्यों पर सवाल उठाएं। माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि विजन डाक्यूमेंट 2047 पर जो 24 घंटे चर्चा का समय दिया गया है। वो कम है। समाजवादी पार्टी के विधायक संग्राम सिंह यादव ने कहा कि 2017 और 2022 के संकल्प पत्र में शामिल विजन में कितने कार्य पूरे हुए, सरकार को यह बताना चाहिए। उन्होंने कहा कि विजन 2047 उत्तरप्रदेश के विकास से सम्बंधित है, ऐसे में अतिरिक्त समय मिलना चाहिए।
विधानसभा अध्यक्ष ने सतीश महाना ने कहा कि सत्र की अवधि के बारे में बताना चाहता हूं। जिस समय कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में हां बोला था। तब क्यों नहीं बोला था। सुबह याद आ गया कि यह वाली बात बोलना है। आल पार्टी मीटिंग में भी आपने अपनी बात नहीं रखा। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हमारे बहुत सारे विधायक हैं। वह इस मुद्दे पर अपनी बात रखना चाहते हैं। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि सभी को समय दिया जाएगा।
विजन डॉक्यूमेंट पर सरकार को घेरते हुए सपा नेता शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि भाजपा ने अभी तक युवाओं को रोजगार देने का वादा पूरा नहीं किया। किसानों को एमएसपी नहीं दी है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अब सरकार कह रही है कि 22 साल बाद आज के जो युवा हैं उनके पोते-पोतियों को नौकरी देंगे। उन्होंने कहा कि 2047 का क्या भरोसा है? सरकार ने 2022 तक सभी को घर देने का वादा किया था पर अभी तक पूरा नहीं हुआ।
जल संसाधन मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश में अपराध का बोलबाला था। निवेशक पलायन कर रहे थे। आज यूपी में कानून का राज है। जमीनों को मुक्त कराया गया। 2017 से पहले परियोजना केवल स्वीकृत की थी। शुरू नहीं हो पाती थी। अब परियोजना स्वीकृत के बाद शुरू की। बाढ़ पीड़ितों को सुरक्षा प्रदान की जाती है।





