हावड़ा स्टेशन व केदारनाथ मंदिर की थीम पर तैयार हो रहे नोएडा के दुर्गा पंडाल

नोएडा, उत्तर प्रदेश के नोएडा में डेढ़ सौ के करीब दुर्गा पूजा के लिए पंडाल बनाकर तैयार किए जा रहे हैं जिसमें इस बार कई सेक्टरों में नए स्थानों में नए पंडाल बनाये जा रहे हैं। पर इन सब में सबसे खास और बेहद आकर्षित दुर्गा पूजा पंडाल नोएडा के सेक्टर 26 स्थित नोएडा काली बाड़ी मंदिर और सेक्टर 25 जलवायु विहार का होगा।
नोएडा सेक्टर 26 स्थित नोएडा काली बाड़ी नाम से प्रसिद्ध मंदिर प्रांगण में 42 वर्षों से दुर्गा पूजा का भव्य आयोजन हो रहा है। इस बार नोएडा काली बाड़ी में दुर्गा पूजा पंडाल का भव्य द्वार केदारनाथ मंदिर के थीम पर बनाया जा रहा जिसकी ऊंचाई तकरीबन 50 फीट के करीब रहेगी। भव्य द्वार के निर्माण के लिए कोलकाता से आए दर्जन भर कुशल कारीगर दिन रात कार्य कर रहे हैं। वहीं दुर्गा पूजा पंडाल में 18 फीट दुर्गा माता की प्रतिमा की स्थापना 23 सितंबर को की जाएगी। आगामी 23 सितंबर से नवरात्र शुरू होगा। इसके बाद 28 सितंबर षष्ठी पूजन के दिन मां दुर्गा जी की स्थापित प्रतिमा के चेहरे से परंपरा अनुसार पर्दा हटाया जाता है। नोएडा काली बाड़ी दुर्गा पूजा पंडाल में षष्ठी पूजन के दौरान मां को भोग लगाया जाता है। उसके बाद पंडाल में आए सभी भक्तों के लिए प्रसाद वितरण होता है जिसके तहत चार दिन तक लगातार प्रतिदिन 1000 के करीब लोगों के लिए भोजन तैयार कर मां की पूजा अर्चना आशीवार्द प्राप्ति के तत्पश्चात प्रसाद वितरित होता है।
नोएडा दुर्गा पूजा समिति के इस आयोजन में कई बार कई बड़े फिल्मी सितारे प्रसिद्ध गायकों ने शिरकत की है। चूंकि नोएडा शहर के बीचों बीच बसे काली बाड़ी मंदिर की दुर्गा पूजा का नाम शहर की जनता भली भांति जानती है और इस दुर्गा पूजा पंडाल में दुर्गा पूजा के समय भारी भीड़ उमड़ती है। उस नोएडा काली बाड़ी दुर्गा पूजा की सुरक्षा व्यवस्था पुलिस और जिला प्रशासन के सहयोग से होता है जहां अग्निशमन विभाग के वाहन सहित कई पुलिस बल प्रतिदिन सुरक्षा व्यवस्था के लिए मौजूद रहते हैं।
यहां सेक्टर 25 स्थित के ब्लॉक में जलवायु विहार संस्कृति कल्याण समिति द्वारा दुर्गा पूजा का आयोजन लगातार 32 वर्षों किया जा रहा है। 33 वीं वर्ष में कदम रखते हुए इस बार समिति द्वारा दुर्गा पूजा को और खास बनाते हुए पंडाल का प्रवेश द्वार कोलकाता के हावड़ा स्टेशन के तर्ज पर 40 फीट का सुंदर और आकर्षित द्वार बनाया जा रहा।
करीब 40 फीट के इस हावड़ा स्टेशन थीम द्वार को बनाने के लिए खास तौर पर कोलकाता के अनुभवी कारीगरों द्वारा तैयार किया जा रहा है। भव्य द्वार के निर्माण के लिए भारी मात्रा में लकड़ियों सहित रंग बिरंगे सिल्की एवं फाल्कन कपड़ों और थर्मोकोल एवं कुदरती रंगों और का इस्तेमाल किया जा रहा है। वहीं शाम के बाद द्वार की सुंदरता को बढ़ाने में जगमगाहट के लिए विशेष लाइटों को लगाया गया है।
जलवायु विहार संस्कृति कल्याण समिति के पदाधिकारी बताते हैं,“हम प्रवासी बंगाली हैं जो दिल्ली-एनसीआर में जन्मे और पले-बढ़े हैं। हमने हमेशा दुर्गा पूजा को अपनी जड़ों से जुड़ने का सबसे बड़ा अवसर माना है। इस वर्ष अपने 33 वें साल में हमने पंडाल का थीम हावड़ा स्टेशन चुना क्योंकि यह हर बंगाली के लिए एक नॉस्टैल्जिया का प्रतीक है। हमारे कई माता-पिता के लिए पूजा की छुट्टियों में कोलकाता लौटते समय हावड़ा स्टेशन घर परिवार और त्योहारों का पहला दृश्य होता था। भले ही हम बंगाल से बाहर बड़े हुए लेकिन वे कहानियां तस्वीरें और यात्राएं हमारी पहचान का हिस्सा बन गईं। नोएडा में हावड़ा स्टेशन को दोबारा बना कर हम घर लौटने की उस भावना को फिर से जीना चाहते हैं और इसे यहां अपने समुदाय के साथ साझा करना चाहते हैं। हमारे लिए यह दो दुनियाओं के बीच एक पुल है एक वह बंगाल जिसे हमने परंपरा से पाया और दूसरी एनसीआर जहां हम आज रहते हैं।”





