राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने महात्मा गांधी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की

नयी दिल्ली, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की हैं। श्रीमती मुर्मु ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 156वीं जयंती की पूर्व संध्या पर बुधवार को अपने संदेश में कहा, ” राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 156वीं जयंती के अवसर पर मैं कृतज्ञ राष्ट्र की ओर से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करती हूँ। गांधी जयंती हम सभी के लिए राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के आदर्शों और जीवन मूल्यों के प्रति स्वयं को पुनः समर्पित करने का अवसर है।”
उन्होंने कहा , ” गांधीजी ने विश्व को शांति, सहिष्णुता और सत्य के मार्ग पर चलने का संदेश दिया जो संपूर्ण मानवता के लिए प्रेरणा स्रोत है। वे आजीवन अस्पृश्यता, निरक्षरता, नशाखोरी और अन्य सामाजिक बुराइयों को मिटाने के लिए संघर्ष करते रहे। उन्होंने अपने दृढ़-संकल्प से समाज के कमजोर से कमजोर व्यक्ति को संबल और शक्ति प्रदान की। ” श्रीमती मुर्मु ने कहा कि राष्ट्रपिता का नैतिकता और सदाचार में अटूट विश्वास था जिसका उन्होंने आजीवन पालन किया और जन समुदाय को भी उस मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया।
एक स्वावलंबी, आत्मनिर्भर और शिक्षित भारत के निर्माण के लिए उन्होंने चरखा चलाकर आत्मनिर्भरता का संदेश दिया। वह अपने आचरण एवं उपदेशों के माध्यम से वे सदैव श्रम की गरिमा को प्रतिष्ठित करते रहे। उनके जीवन-मूल्य आज भी प्रासंगिक हैं और भविष्य में भी बने रहेंगे। ”
उन्होंने कहा, ” आइए, गांधी जयंती के इस शुभ अवसर पर हम सब पुनः यह संकल्प लें कि हम सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलते हुए, राष्ट्र के कल्याण और प्रगति के लिए समर्पित रहेंगे और एक पूर्णतः स्वच्छ, समर्थ, सशक्त व समृद्ध भारत का निर्माण करके गांधी जी के सपनों को साकार करेंगे।”





