इंडिया–जापान हायर एजुकेशन कॉन्क्लेव 2025: जे.जी.यू. ने टोक्यो यूनिवर्सिटी का किया स्वागत

नई दिल्ली, इंडिया–जापान हायर एजुकेशन कॉन्क्लेव 2025 की शुरुआत JGU ने टोक्यो यूनिवर्सिटी के प्रतिनिधियों का स्वागत करके की। छह दिन तक चलने वाले इस टूर का मकसद दोनों देशों के बीच उच्च शिक्षा और छात्र आदान–प्रदान को बढ़ावा देना है।
ओ.पी. जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी (JGU) ने इंडिया–जापान हायर एजुकेशन कॉन्क्लेव 2025 की शुरुआत टोक्यो यूनिवर्सिटी (UTokyo) के वरिष्ठ प्रतिनिधिमंडल की मेजबानी के साथ की। यह छह-दिवसीय यात्रा दिल्ली, अहमदाबाद और बेंगलुरु में आयोजित की जा रही है। इस टूर का मुख्य विषय है—“भविष्य की वैश्विक शिक्षा और ज्ञान में भारत–जापान की भूमिका।”
टोक्यो यूनिवर्सिटी के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व प्रोफेसर काओरी हयाशी ने किया। उनके साथ प्रोफेसर यूजिन यागुची और प्रोफेसर सत्सुकी शियोयामा भी मौजूद रहीं।
जे.जी.यू.–टोक्यो यूनिवर्सिटी: एक खास साझेदारी
JGU भारत का एकमात्र विश्वविद्यालय है जिसकी आधिकारिक साझेदारी टोक्यो यूनिवर्सिटी के साथ है। यह दोनों देशों के बीच मजबूत शैक्षणिक संबंध दिखाता है। JGU अब तक जापान की 25 से अधिक विश्वविद्यालयों के साथ साझेदारी कर चुका है।
‘Act East’ पहल को नई दिशा
यह दौरा JGU की Act East Initiative का अहम हिस्सा है। इसका उद्देश्य जापान और इंडो–पैसिफिक क्षेत्र के साथ शिक्षा, शोध और नवाचार में मजबूत रिश्ते बनाना है।
JGU के कुलपति प्रोफेसर सी. राज कुमार ने कहा, “यह यात्रा भारत–जापान साझेदारी को और मजबूत करने में बहुत महत्वपूर्ण है। टोक्यो यूनिवर्सिटी के साथ हमारा सहयोग अनुसंधान और शैक्षणिक आदान–प्रदान के नए अवसर खोलेगा।”
ऊँचे स्तर पर बातचीत और सहयोग
दिल्ली, अहमदाबाद और बेंगलुरु में आयोजित कार्यक्रमों में शिक्षा विशेषज्ञों, नीति-निर्माताओं, विश्वविद्यालय प्रमुखों और विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया।
इन कार्यक्रमों में शामिल रहे
उच्च-स्तरीय चर्चाएँ
विश्वविद्यालय दौरे
मीडिया बातचीत
नेटवर्किंग और साझेदारी सत्र
इनका उद्देश्य है—भविष्य में संयुक्त शिक्षा, शोध और नवाचार के लिए मजबूत रोडमैप तैयार करना।
टोक्यो यूनिवर्सिटी प्रतिनिधिमंडल की प्रतिक्रिया
प्रोफेसर काओरी हयाशी ने कहा ,“JGU का कैंपस देखकर मैं बहुत प्रभावित हुई। संविधान संग्रहालय और मूट कोर्ट जैसी सुविधाएँ शानदार हैं। विविधता और समावेशन के प्रति JGU की प्रतिबद्धता सच में प्रेरक है।”
प्रोफेसर यूजिन यागुची ने कहा, “मैं JGU के साथ बढ़ते सहयोग को देखकर बहुत खुश हूँ। हम चाहते हैं कि दोनों देशों के अधिक विद्यार्थी एक-दूसरे के यहाँ आकर सीखें और नए अनुभव प्राप्त करें।”
प्रोफेसर सत्सुकी शियोयामा ने कहा, “उन्होंने चर्चा में दक्षिण एशिया, जेंडर और तुलनात्मक शिक्षा पर खास जोर दिया ताकि यह सहयोग और अधिक संतुलित और समावेशी हो सके।”
नए सहयोग की दिशा में कदम
दोनों विश्वविद्यालयों ने कई क्षेत्रों में मिलकर काम करने पर सहमति जताई, जिनमें शामिल हैं:-
छात्र और शिक्षक एक्सचेंज
संयुक्त और द्वैध डिग्री कार्यक्रम
अल्पकालिक अध्ययन यात्राएँ
संयुक्त शोध परियोजनाएँ
साझा शिक्षण मॉडल
JGU के उप-डीन प्रोफेसर अखिल भारद्वाज ने कहा, “यह टूर भविष्य में लंबे समय तक चलने वाली साझेदारियों की मजबूत नींव रखता है।”
टोक्यो यूनिवर्सिटी का प्रतिनिधिमंडल 12 दिसंबर 2025 को अपनी भारत यात्रा समाप्त करेगा। यह दौरा भारत और जापान के बीच भविष्य-उन्मुख, मजबूत और नवाचार-केंद्रित शैक्षणिक रिश्तों को आगे बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।





