बैंक घोटाले में आरोपी कैशियर को आजीवन कारावास

फिरोजाबाद, उत्तर प्रदेश में फिरोजाबाद जिले की एक अदालत ने इंडियन बैंक की जसराना शाखा में हुए दो करोड़ 40 लाख रुपए के घोटाले में तत्कालीन बैंक कैशियर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है जबकि उसके पांच सहयोगियों को 10-10 साल की सजा और सभी पर आर्थिक जुर्माना भी लगाया गया है।
अपर जिला जज सर्वेश कुमार पांडेय के द्वारा शुक्रवार को बहुत चर्चित इंडियन बैंक शाखा जसराना में हुए करोड़ों रुपए के घोटाले के संबंध में चल रहे मामले का निर्णय सुनाते हुए बैंक कैशियर जयप्रकाश सिंह को आजीवन कारावास के साथ 5 लाख 50 हजार रुपए का आर्थिक जुर्माना तथा उसके संगठित गिरोह के सदस्य आकाश मिश्रा,प्रवीण कुमार,कुवर पाल,वीर बहादुर और सुखदेव सिंह को 10 -10 वर्ष की सजा और सभी पर 5-5 लाख रुपए का आर्थिक दंड भी लगाया गया है। सभी छह आरोपियों को पुलिस अभिरक्षा मे जेल भेज दिया गया।
जिले की जसराना तहसील में इंडियन बैंक में घोटाले का खुलासा मार्च 2025 में होने पर बैंक के जनरल मैनेजर तरुण कुमार विश्नोई द्वारा 27 मार्च 2025 को पुलिस में बैंक मैनेजर राघवेंद्र सिंह आदि के खिलाफ बैंक में आर्थिक घोटाला करके करोड़ों का गबन किए जाने के संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
थाना पुलिस टीम ने तत्परता से कार्य करते हुए संबंधित मामले में जांच करके बैंक कैशियर जयप्रकाश सिंह को गिरफ्तार किया गया जांच में पुलिस को शख्स मिले कि जयप्रकाश सिंह आज द्वारा संगठित गिरोह के रूप में कार्य करते हुए बैंक को आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया उनके द्वारा बैंक ग्राहकों के पैसे उनके अकाउंट में जमा नही करके अपने संगठित गिरोह के सदस्यों के खाते में अन्य खाता धारकों का रुपया ट्रांसफर किया गया जांच के दौरान उनके साथ घोटाले में शामिल अन्य लोग अजय मिश्रा प्रवीण कुमार और उसके पिता कुवर पाल तथा वीर बहादुर और सुखदेव सिंह को भी पुलिस ने साक्ष्य एकत्रित कर जांच करवाई के दौरान गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
पुलिस टीम की प्रभावी पैरवी के चलते हुए 92 दिन के अंदर संबंधित मामले की जांच के के बाद चार्ज शीट न्यायालय में प्रस्तुत कर दी गई। पुलिस टीम अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता अवधेश शर्मा की कड़ी पैरवी के चलते हुए अपर जिला सत्र न्यायाधीश सर्वेश कुमार पांडेय ने आरोपियों को सजा सुनाते हुए कहा कि उनके द्वारा बैंक के साथ धोखाधड़ी कर बैंक की आर्थिक प्रणाली से छेड़छाड़ की गई है। जनता के साथ धोखा किया गया है ऐसे लोगों के साथ किसी प्रकार की कोई नरमी नहीं की जा सकती है।
संबंधित मामले में करीब 100 बैंक खाता धारक प्रभावित हुए हैं जिनके द्वारा बैंक में रुपए जमा किए गए थे जो उनके खाते में जमा नही क इस ये गये दूसरे खाता धारकों का पैसा कैशियर केद्वारा संगठित गिरोह के सदस्यों के खाते में जमा किए जाते रहे थे। अभी तक की जांच में 2 करोड़ 40 लाख रुपए का आर्थिक घोटाला गवन का मामला सामने आ चुका है। जांच अधिकारी थाना प्रभारी राजेश कुमार पांडेय के अनुसार अभी संबंधित मामले में कुछ और साक्ष्य एकत्रित हुए हैं जांच अभी जारी है जिसमें तत्कालीन मैनेजर राघवेंद्र सिंह के अलावा उनके कई अन्य साथी भी जांच के घेरे में शामिल है शीघ्र एक सप्लीमेंट्री चार्ज सीट न्यायालय में जमा की जानी है।




