विश्व पुस्तक मेला में दिखा इतिहास, संस्कृति और विचारों का जीवंत संगम

नयी दिल्ली, राष्ट्रीय राजधानी के भारत मंडपम में आयोजित विश्व पुस्तक मेला के दूसरे दिन रविवार को बड़ी संख्या में पुस्तक प्रेमी, पाठक, लेखक, विद्यार्थी, शोधार्थी और विचारक उमड़े।
इस पुस्तक मेले में संवादों की गर्माहट, विचारोत्तेजक सत्रों, पुस्तक विमोचनों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ यह दिन ज्ञान, इतिहास और रचनात्मकता के उत्सव के रूप में सामने आया।
पुस्तक मेले के दूसरे दिन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का संवाद कार्यक्रम विशेष आकर्षण रहा। इस अवसर पर उन्होंने पीएम युवा 3.0 योजना के अंतर्गत चयनित 43 युवा लेखकों से संवाद किया। लेखकों ने अपनी आगामी पुस्तकों की पांडुलिपि, विषयवस्तु और शोध प्रक्रिया से जुड़े अनुभव साझा किए।
श्री प्रधान ने चयनित लेखकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे छह माह की मेंटोरशिप अवधि का पूर्ण उपयोग करें और ऐसी रचनाएं प्रस्तुत करें, जो भारतीय युवाओं को पढ़ने-लिखने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने निर्देश दिया कि नेशनल बुक ट्रस्ट (एनबीटी) की ओर से लेखकों को शोध हेतु भौतिक और डिजिटल सामग्री उपलब्ध कराई जाए तथा वन नेशन–वन सब्सक्रिप्शन (वनएनओएस) पहल के तहत अकादमिक संसाधनों तक उनकी पहुंच सुनिश्चित की जाए।
इस अवसर पर विनीत जोशी (सचिव, उच्च शिक्षा), युवराज मलिक (निदेशक, एनबीटी-इंडिया), डॉ. प्रियंका मिश्रा (सीईओ, प्रधानमंत्री संग्रहालय), कुमार विक्रम (मुख्य संपादक एवं संयुक्त निदेशक, एनबीटी-इंडिया) और रवि के. मिश्रा (संयुक्त निदेशक, प्रधानमंत्री संग्रहालय) भी उपस्थित रहे।
अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों के अंतर्गत कजाखस्तान, इज़राइल, रूस और नेपाल के साहित्य को मंच प्रदान किया गया। इसके साथ ही ‘भारत और खाड़ी देशों के नाटक में भारतीय’ विषय पर एक समूह चर्चा आयोजित हुई।
पहली बार आयोजित भारत–जापान पब्लिशर्स मीट एंड ग्रीट विशेष आकर्षण रहा, जिसमें लेखकों, प्रकाशकों और चित्रकारों सहित जापान के 30 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने भाग लिया। इस बैठक का उद्देश्य दोनों देशों के बीच साहित्यिक और प्रकाशन सहयोग को और मजबूत बनाना रहा।
लेखक कोना (ऑथर्स कॉर्नर) में अभा शर्मा के सत्र में द आर्किटेक्ट ऑफ हैप्पीनेस में सजगता, वेदांत और संतुलित जीवन पर चर्चा हुई। वहीं बढास बेगम : पॉवर, पर्दा और जिनहोंने मुगल वंश में राज किया सत्र में मुगलकालीन महिलाओं की अनदेखी भूमिका पर प्रकाश डाला गया।
लेखक मंच पर भारतीय और मैक्सिकन सभ्यताओं के बीच सांस्कृतिक समानताओं पर संवाद हुआ।
पुस्तक मेले में केंद्रीय राज्य मंत्री (शिक्षा) श्री जयंत चौधरी, केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह और केंद्रीय राज्यमंत्री (विदेश मंत्रालय) राजकुमार रंजन सिंह ने पुस्तक मेले का भ्रमण किया और पुस्तकों का विमोचन किया।
बाल पवेलियन में कठपुतली, कथाकथन, विजुअल स्टोरी वर्कशॉप और बाल फिल्म प्रदर्शन बच्चों के आकर्षण का केंद्र रहे। शाम को एम्फीथिएटर में तीन बार ग्रैमी पुरस्कार विजेता संगीतकार रिकी केज की लाइव प्रस्तुति ने सांस्कृतिक संध्या को यादगार बना दिया।





