शहीद पथ पर ट्रैफिक रोके बिना एलडीए बनाएगा ग्रीन कॉरिडोर

लखनऊ, लखनऊ विकास प्राधिकरण शहीद पथ-ग्रीन कॉरिडोर के इंटर सेक्शन पर फ्लाईओवर एवं क्लोवर लीफ बनाएगा। ग्रीन कॉरिडोर परियोजना के तहत गोमती नगर से किसान पथ को जोड़ने वाले इस फ्लाईओवर के निर्माण के दौरान शहीद पथ पर ट्रैफिक सुचारू रूप से चलता रहेगा।
मंगलवार को एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने ग्रीन कॉरिडोर के तृतीय चरण के निर्माण को लेकर अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक की। इसमें डीसीपी ट्रैफिक कमलेश दीक्षित, मुख्य अभियंता मानवेन्द्र सिंह व पीआईयू के प्रभारी एके सिंह सेंगर समेत अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
ग्रीन कॉरिडोर परियोजना के द्वितीय चरण के अंतर्गत पक्का पुल से समतामूलक चौक तक बंधा रोड, 6-लेन ब्रिज, फ्लाईओवर एवं आरओबी का निर्माण कराया जा रहा है। जिसके अंतर्गत समतामूलक, निशातगंज और हनुमान सेतु पर 3 नयी रोटरी का निर्माण कराया गया है। भविष्य में यह रूट चालू होने पर इन नये चौराहों पर ट्रैफिक बाधित न हो, इसको लेकर भी बैठक में विस्तृत चर्चा की गयी।
पीआईयू के प्रभारी एके सिंह सेंगर ने बताया कि ट्रैफिक पुलिस के सुझावों के क्रम में हनुमान सेतु रोटरी का ड्रोन सर्वे कराया गया।
लगातार दो दिनों तक सुबह 10 बजे और शाम 6 बजे के पीक आवर्स में कराये गये इस सर्वे में रोटरी पर ट्रैफिक सुचारू पाया गया।
इसके अतिरिक्त निशातगंज एवं समतामूलक रोटरी पर ट्रैफिक जाम लगने की आशंका के दृष्टिगत स्थल पर परीक्षण कराया गया। यातायात विभाग द्वारा कुछ जगहों पर सीधे रूट की जगह यू-टर्न का प्रावधान किये जाने का सुझाव दिया गया है, जिसके लिए ट्रायल कराया जाएगा। इसमें जो नतीजे सामने आएंगे, उसके आधार पर रूट को ट्रैफिक के लिए खोलने से पहले आवश्यक परिवर्तन सुनिश्चित कराया जाएगा।
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि ग्रीन कॉरिडोर के तृतीय एवं चतुर्थ चरण में समतामूलक चौक से किसान पथ तक बंधा रोड, फ्लाईओवर व ब्रिज आदि का निर्माण किया जाना है। जिसके अंतर्गत शहीद पथ पर इकाना स्टेडियम के पास फ्लाईओवर बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके निर्माण के लिए शहीद पथ पर ट्रैफिक नहीं रोका जाएगा, जिससे लोगों को किसी भी तरह की दिक्कत नहीं उठानी पड़ेगी।
बैठक में इस रूट पर किये जाने वाले कार्यों के सम्बंध में भी चर्चा की गयी। प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि नये रूट पर कार्य शुरू करने से पहले लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग व ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों के साथ ज्वाइंट सर्वे करा लिया जाए।





