2027 चुनाव में अकेले लड़ेगी बसपा, पांचवीं बार बनेगी सरकार : मायावती

लखनऊ, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने अपने 70वें जन्मदिन के मौके पर लखनऊ स्थित बसपा प्रदेश मुख्यालय में मीडिया को संबोधित करते हुए 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि बसपा आगामी चुनाव किसी से गठबंधन नहीं करेगी और अकेले दम पर मैदान में उतरेगी। इस दौरान उन्होंने ब्लू बुक के 21वें संस्करण का विमोचन भी किया।
गुरुवार को प्रेस कांफ्रेंस करते हुए मायावती ने कहा कि बसपा सुप्रीमो ने साफ कहा कि गठबंधन से पार्टी को नुकसान होता है, क्योंकि अपर कास्ट का वोट दूसरे दलों में चला जाता है। उन्होंने कहा कि भविष्य में बसपा सभी चुनाव अकेले लड़ेगी। जब अपर कास्ट का भरोसा पूरी तरह बसपा पर हो जाएगा, तब गठबंधन पर विचार होगा, लेकिन इसमें अभी समय लगेगा।
मायावती ने आरोप लगाया कि प्रदेश की मौजूदा और पूर्व की सरकारें बसपा सरकार की योजनाओं का नाम बदलकर चला रही हैं, लेकिन उससे आमजन को कोई वास्तविक लाभ नहीं हो रहा। उन्होंने कहा कि बसपा को रोकने के लिए भाजपा, कांग्रेस और अन्य जातिवादी दल लगातार भ्रम फैलाकर पार्टी को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन कार्यकर्ता इसका मुंहतोड़ जवाब देंगे।
उन्होने कहा कि कांग्रेस, बीजेपी सहित अन्य जातिवादी पार्टियां अलग-अलग हथकंडे अपना रही हैं। इनको मुंहतोड़ जवाब देकर यूपी में पांचवीं बार बसपा की सरकार बनानी है। उन्होंने कहा कि शीतकालीन सत्र में भाजपा और कांग्रेस के विधायक अपनी उपेक्षा से नाराज होकर जुटे थे। बसपा ने ब्राह्मण को भागीदारी दी। लखनऊ में भाजपा ब्राह्मण विधायकों की बैठक को लेकर उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ सरकार में ब्राह्मणों की स्थिति अच्छी नहीं है। हमारी सरकार में ब्राह्मणों का सम्मान किया गया। ब्राह्मणों को किसी भी पार्टी की बाटी चोखे की जरूरत नहीं है। भाजपा में ब्राह्मण समाज की उपेक्षा है। कुछ यही हाल सपा और कांग्रेस में है। ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य समाज का बसपा सरकार पूरा ध्यान रखेगी। बसपा ने हमेशा ही उनका सम्मान किया है। बसपा ऐसी पार्टी है जिसने सभी जातियों और धर्मो का सम्मान किया है।
मायावती ने सरकारों पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि कांशीराम के मरने पर राष्ट्रीय शोक नहीं घोषित किया। उनकी उपेक्षा की गई। दूसरी जातियों के साथ मुस्लिम समाज के साथ अन्याय हो रहा। बसपा सरकार में दंगा फसाद नहीं हुआ। हमारी सरकार में यादवों का भी ध्यान रखा गया।
उन्होने कहा कि ईवीएम में धांधली और बेइमानी की चर्चा है। ये व्यवस्था कभी भी खत्म हो सकती है। एसआईआर की काफी शिकायतें है। इससे हमें सजग रहना होगा। उन्होंने समाजवादी पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा कि सपा शासनकाल में “गुंडों का बोलबाला” रहा। उन्होंने लखनऊ गेस्ट हाउस कांड का जिक्र कर कहा कि सपा सरकार में उन पर हमला कराया गया था। पीडीए को लेकर भी उन्होंने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि यह “दलित विरोधी मानसिकता का छलावा” है।
मायावती की प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंतिम चरण में अचानक एक बल्ब फ्यूज होने से शॉर्ट सर्किट हो गया। तार जलने से कमरे में धुआं भर गया और कुछ देर के लिए अफरातफरी मच गई। इसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस रोक दी गई और सुरक्षा कर्मी मायावती को बाहर ले गए। प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल ने बताया कि घटना में किसी को नुकसान नहीं हुआ।





