विश्व आर्थिक मंच- दावोस 2026 में उप्र पेश करेगा अपना ‘ग्रोथ विज़न’

लखनऊ,  वैश्विक निवेश मानचित्र पर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराने के लिए तैयार उत्तर प्रदेश का एक प्रतिनिधिमंडल 19 जनवरी से स्विट्ज़रलैंड के दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (विश्व आर्थिक मंच) की वार्षिक बैठक हिस्सा लेगा।

अधिकृत सूत्रों ने शनिवार को बताया कि इस दौरान उत्तर प्रदेश अंतरराष्ट्रीय निवेशकों और वैश्विक उद्योग जगत के प्रमुख नेताओं के साथ प्रभावी संवाद करते हुए राज्य में रणनीतिक निवेश अवसरों को आगे बढ़ाएगा। डब्लूईएफ दावोस 2026 में उत्तर प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व वित्त एवं संसदीय कार्य सुरेश कुमार खन्ना करेंगे। उनके साथ वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल होंगे, जिनमें दीपक कुमार (अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त), अमित सिंह, सचिव, (मुख्यमंत्री कार्यालय), विजय किरण आनंद (सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग तथा मुख्य कार्यपालक अधिकारी इन्वेस्ट यूपी एवं यूपीसीडा) और इंदरजीत सिंह (विशेष सचिव, ऊर्जा विभाग एवं निदेशक, यूपीनेडा) शामिल हैं। यह टीम दावोस में उत्तर प्रदेश की औद्योगिक उपलब्धियों, नीति सुधारों और उभरते निवेश अवसरों को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करेगी।

उन्होने बताया कि प्रदेश की सहभागिता के प्रमुख बिंदुओं में उत्तर प्रदेश को ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) के लिए पसंदीदा निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करना,क्यूरेटेड ब्रांडिंग, निवेश-केंद्रित प्रस्तुतियों, मल्टीमीडिया शोकेस और सुनियोजित द्विपक्षीय बैठकों के माध्यम से सेक्टर-विशिष्ट अवसरों को सामने रखना, ईज आफ डूइंग बिजनेस को और मजबूत करना,अंतरराष्ट्रीय निवेशकों, उद्योग नेताओं, राजनयिकों, नीति-निर्माताओं और बहुपक्षीय संस्थानों के साथ सीधे संवाद कर रणनीतिक साझेदारियां विकसित करना आदि शामिल है।

सूत्रों का दावा है कि उत्तर प्रदेश का विशाल बाजार, मजबूत कनेक्टिविटी, नई औद्योगिक नीतियां और निवेशकों के अनुकूल इकोसिस्टम इसे वैश्विक कंपनियों के लिए एक आकर्षक केंद्र बना रहा है। डब्लूईएफ दावोस 2026 में भागीदारी राज्य की इस प्रतिबद्धता को दर्शाती है कि उत्तर प्रदेश उच्च गुणवत्ता वाले निवेश आकर्षित करते हुए अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों को और गहरा करेगा तथा भारत की अर्थव्यवस्था के प्रमुख विकास इंजन के रूप में अपनी भूमिका को और सशक्त बनाएगा।

Related Articles

Back to top button