शंकराचार्य के कथित अपमान पर कांग्रेस ने किया विरोध प्रदर्शन

प्रयागराज, प्रयागराज में मौनी अमावस्या के मौके पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के काफिले को रोके जाने और दुर्व्यहार का आरोप लगाते हुये कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदेश कांग्रेस के आवाहन पर सोमवार को शहर कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी और नेताओं ने कलेक्ट्रेट पर विरोध प्रदर्शन कर राज्यपाल सम्बोधित पत्र अपर नगर जिलाधिकारी को सौंपा और कार्रवाई की मांग की। कटरा लक्ष्मी टाकीज चौराहे से डीएम कार्यालय पर मार्च लेकर पहुंचें कांग्रेसियों ने प्रदेश सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कांग्रेसियों ने हाथों में “हे राम , त्राहिमाम , रक्षमाम यूपी लिखी तख्ती ले रखी थी।
शहर अध्यक्ष फुजैल हाशमी ने कहा की काशी की सदियों पुरानी धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को नष्ट किया जा रहा है। आरोप लगाया कि कॉरिडोर के नाम पर प्राचीन अक्षय वट वृक्ष को भी नुकसान पहुँचाया गया। प्रदेश महासचिव मुकुंद तिवारी ने कहा कि साधु-संतों-भक्तों के साथ हुआ दुर्व्यवहार अक्षम्य है। संतों के शुभ काम में विघ्न डालने का जो काम प्राचीन काल में असुर करते थे, वो अब भाजपा सरकार और प्रशासन के लोग कर रहे हैं।
पार्टी प्रवक्ता हसीब अहमद ने कहा कि करोड़ों सनातन आस्थावानों की भावनाओं को ठेस पहुँचाने का कुरूर कार्य सरकार और प्रशासन की मिली भगत से हुआ है। उन्होने कहा की सरकार हठ छोड़कर शंकराचार्य और देश के सनातनियों से अविलंब क्षमा याचना करे।





