दूसरों से प्रमाणपत्र मांगने वाले अपने योगी होने का प्रमाणपत्र दिखाएं: अखिलेश यादव

लखनऊ, समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जो लोग दूसरों से प्रमाणपत्र मांग रहे हैं, उन्हें पहले अपना योगी होने का प्रमाणपत्र दिखाना चाहिए। उन्होंने कहा कि खुद को योगी कहने वाले लोग योग का सबसे आसान आसन एक पैर पर खड़े होने में भी डगमगाते नजर आते हैं, उन्हें किसने और किस बात का योगी होने का प्रमाण-पत्र दिया है।
बुधवार को संसद भवन के बाहर मीडिया से बातचीत करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार केवल दावे कर रही है, जबकि किसानों की आय दोगुनी नहीं हुई और उन्हें फसलों का उचित मूल्य भी नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि मंडियां बंद पड़ी हैं और दूध, धान सहित अन्य उत्पादों को लेकर दिखाए गए सपने अधूरे रह गए हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि खुद को सनातनी कहने वालों ने शंकराचार्य जी का अपमान किया और उन्हें स्नान से रोका गया। अखिलेश यादव ने कहा कि महारानी अहिल्याबाई होल्कर की विरासत को संरक्षित करने के बजाय सरकार ने उनके द्वारा बनाए गए प्राचीन घाट को बुलडोजर से तोड़ दिया, जो सनातन परंपरा के खिलाफ है।
यूजीसी की नई गाइडलाइन पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि दोषी को सजा मिलनी चाहिए, लेकिन निर्दोष नहीं फंसना चाहिए। वहीं केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि वीबीरामजी योजना में बजट घटाया जा रहा है, जिससे गरीबों को रोजगार मिलने में मुश्किलें बढ़ेंगी।





