बजट को राज्यपाल ने बताया प्रदेश को आत्मनिर्भर और प्रगतिशील बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

लखनऊ, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने विधानसभा में प्रस्तुत राज्य सरकार के बजट 2026-27 पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे समावेशी, जनोन्मुखी और दूरदर्शी बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट युवा सशक्तिकरण, कानून-व्यवस्था की मजबूती और चिकित्सा शिक्षा के विस्तार के माध्यम से प्रदेश को आत्मनिर्भर और प्रगतिशील बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
राज्यपाल ने कहा कि कौशल विकास, रोजगार सृजन और डिजिटल सशक्तिकरण पर दिया गया विशेष जोर युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है। उत्तरप्रदेश स्किल डेवलपमेंट मिशन (यूपीएसडीएम) के माध्यम से युवाओं को प्रशिक्षण और सेवायोजन उपलब्ध कराना सराहनीय कदम है। उन्होंने मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत निःशुल्क कोचिंग तथा मुख्यमंत्री फेलोशिप कार्यक्रम के जरिए युवाओं को नीति निर्माण से जोड़ने को सुशासन की प्रभावी पहल बताया।
स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना के अंतर्गत टैबलेट और स्मार्टफोन वितरण को उन्होंने डिजिटल परिवर्तन की दिशा में ऐतिहासिक कदम कहा। साथ ही, युवाओं को खेल सामग्री उपलब्ध कराए जाने को उनके शारीरिक और मानसिक विकास के लिए सकारात्मक प्रयास बताया।
कानून-व्यवस्था के क्षेत्र में सरकार की प्रतिबद्धता की प्रशंसा करते हुए राज्यपाल ने कहा कि पुलिस अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण, नवसृजित जनपदों में भवन निर्माण और अग्निशमन सेवाओं के विस्तार के लिए बजटीय प्रावधान आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं।
चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़ाने, एमबीबीएस एवं पीजी सीटों में वृद्धि, नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना और कैंसर संस्थान के लिए प्रावधान को उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया। असाध्य रोगों के लिए निःशुल्क चिकित्सा सुविधा को समाज के वंचित वर्गों के लिए लाभकारी बताया।
राज्यपाल ने विश्वास व्यक्त किया कि यह बजट प्रदेश के सर्वांगीण विकास, सामाजिक समरसता और सुशासन को सुदृढ़ करते हुए उत्तर प्रदेश को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।





