फआईआर हो, मुकदमा चले या विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाओ, मैं लड़ता रहूंगा : राहुल गांधी

नयी दिल्ली, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष तथा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गुरूवार को अमेरिका से व्यापार समझौते पर प्रतिक्रिया देते हुये कहा कि कोई भी समझौता हो लेकिन अगर उससे किसानों का अहित होता है तो वह अन्नदाता के साथ खड़े रहेंगे।
उन्होंने कहा कि वह ऐसे हर समझौते का विरोध करते हैं जिससे देश की खाद्य सुरक्षा कमजोर होती हो और किसानों की रोजी रोटी छीनने का खतरा हो। उनका कहना था कि अमेरिका के साथ हुआ समझौता देश के किसानों के हित में नहीं है इसलिए वह इसके खिलाफ किसानों के साथ मिलकर लड़ेंगे।
राहुल गांधी ने गुरुवार को सोशल मीडिया एक्स पर लिखा “प्राथमिकी हो, मुकदमा दर्ज हो या विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाएं, मैं किसानों के लिए लड़ूंगा। जो भी ट्रेड डील किसानों की रोज़ी-रोटी छीने या देश की खाद्य सुरक्षा को कमजोर करे, वह किसान-विरोधी है। अन्नदाताओं के हितों से किसान-विरोधी मोदी सरकार को समझौता नहीं करने देंगे।”
उन्होंने कहा कि वह किसानों की लड़ाई लड़ेंगे इसलिए उनके खिलाफ चाहे प्राथमिकी हो या मुकदमा दर्ज हो वह डरेंगे नहीं और किसानों के लिए लड़ते रहेंगे। उनका कहना था कि जो भी ट्रेड डील किसानों की रोज़ी-रोटी छीनने या देश की खाद्य सुरक्षा को कमजोर करने वाली होगी उसे वह नहीं मानेंगे और ऐसी कोई भी डील किसान-विरोधी होगी।
कांग्रेस नेता ने एक बयान जारी करके भारत–अमेरिका ट्रेड डील को लेकर केंद्र सरकार पर हमला भी बोला। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को “किसान विरोधी” बताते हुए आरोप लगाया कि इस समझौते के जरिए भारतीय खेती के दरवाजे अमेरिका के लिए खोल दिए गए हैं, जिससे देश के किसानों और खाद्य सुरक्षा को खतरा पैदा हो गया है।
राहुल गांधी ने कहा कि डील में अमेरिकी कृषि उत्पादों पर गैर-शुल्क बाधाएँ हटाने की बात कही गई है, जो भारतीय किसानों के हितों पर सीधा प्रहार है। उनका दावा है कि कपास, सोयाबीन, ज्वार, फल और सूखे मेवे के किसान पहले ही दबाव में हैं और सस्ती, सब्सिडी वाली अमेरिकी कृषि से मुकाबला करना छोटे भारतीय किसानों के लिए संभव नहीं होगा।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस समझौते पर न किसानों से सलाह ली गई और न ही संसद को पूरी जानकारी दी गई। श्री गांधी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी किसानों के साथ सड़क से संसद तक संघर्ष करेगी और देश की खाद्य सुरक्षा की रक्षा के लिए हर स्तर पर आवाज उठाएगी।





