बीएचयू में जूनियर डॉक्टर की आत्महत्या के प्रयास का मामला गरमाया

वाराणसी,  काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के चिकित्सा विज्ञान संस्थान (आईएमएस) स्थित सर्जरी विभाग की जूनियर डॉक्टर द्वारा आत्महत्या करने के प्रयास का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। जूनियर डॉक्टर इस मुद्दे को लेकर आक्रोशित हैं और उन्होंने कामकाज ठप कर दिया है।

जूनियर डॉक्टरों की मांग है कि आत्महत्या के लिए प्रेरित करने वाले व्यक्ति पर तत्काल कार्रवाई हो, जांच कमेटी में रेजिडेंट डॉक्टरों को भी शामिल किया जाए और काम के अत्यधिक घंटों को तत्काल कम किया जाए।

चिकित्सा विज्ञान संस्थान (आईएमएस) के निदेशक प्रो. एस. एन. शंखवार के अनुसार, एक रेजिडेंट डॉक्टर ने कुछ दवाओं का सेवन कर लिया था, जिसकी वजह से वह आईसीयू में भर्ती है। डॉक्टरों की टीम उनके स्वास्थ्य की निगरानी कर रही है। रेजिडेंट डॉक्टरों की मांग है कि प्रकरण की जांच कराई जाए, ड्यूटी का समय कम किया जाए और अत्यधिक दबाव न बनाया जाए। जांच शुरू कर दी गई है। सभी छात्रों से कार्यस्थल पर वापस लौटने और विभागाध्यक्षों के संपर्क में रहने के लिए कहा गया है।

डॉ. जेबा ने बताया कि साथी डॉक्टर द्वारा आत्महत्या का प्रयास किया गया था। जूनियर डॉक्टरों पर वर्कलोड अत्यधिक होता है, इसलिए समय का निर्धारण करना बहुत आवश्यक है। उल्लेखनीय है कि सर्जरी विभाग की एक जूनियर डॉक्टर ने शुक्रवार को इंसुलिन इंजेक्शन की ओवरडोज लेकर आत्महत्या की कोशिश की थी। फिलहाल प्रॉक्टोरियल बोर्ड द्वारा भी डॉक्टरों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है।

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