गारंटी के साथ एमएसपी सख्ती से लागू करे सरकार : विपक्ष

नयी दिल्ली,  लोकसभा में विपक्षी दलों के सदस्यों ने किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) तत्काल देने की मांग करते हुए कहा है कि खुद सरकार ने किसानों से यह वादा किया था, इसलिए उसे एमएसपी गारंटी के प्रावधान को लागू कर सख्ती से इसका पालन करना चाहिए।

लोकसभा में कांग्रेस के अमरिंदर सिंह राजा वारंग ने बुधवार को केंद्रीय बजट (दूसरा प्रक्रम) वर्ष 2025-26 के लिए कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के नियंत्रणाधीन अनुदानों की मांगों पर चर्चा की शुरुआत करते हुए छोटे किसानों के कर्ज माफ करने और किसानों लिए एमएसपी की गारंटी देने की मांग की। उनका कहना था कि किसानों ने इसके लिए लंबी लड़ाई लड़ी है और खुद मोदी सरकार ने किसानों से यह वादा किया था इसलिए उन्हें एमएसपी गारंटी दी जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि किसानों ने एमएसपी मांग को लेकर दिल्ली की सीमा पर डेढ साल तक अभूतपूर्व आंदोलन किया था जिसमें वह खुद भी शामिल हुए थे लेकिन सरकार ने डेढ़ साल तक किसानों की समस्या को नहीं सुना था। इस आंदोलन में शामिल होकर उन्होंने देखा था कि किसान धूप, वर्षा, जाड़े में बैठकर अपनी मांगों के समर्थन में आंदोलन करते रहे। इस आंदोलन में 750 किसान शहीद हुए थे और तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कृषि तथा किसानों से संबंधित तीनों कानून वापस लेने की घोषणा की थी।

कांग्रेस नेता ने कहा कि पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार तथा केंद्र की भाजपा सरकार के बीच विवाद हो सकता है और राजनीति हो रही है लेकिन इस विवाद के कारण पंजाब के किसानों को नुकसान हो रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार से पंजाब के किसानों को उनका हक देने की मांग की। उन्होंने लुधियाना कृषि विश्वविद्यालय को अनुदान देने की मांग की ताकि वहां कृषि संबंधी अनुसंधान बिना बाधा के हो सके।

भाजपा के कोंडा विश्वेश्वर रेड्डी ने कहा कि मोदी सरकार से किसानों को पूरी मदद दी जा रही है और उनके राज्य तेलंगाना में किसान केंद्र सरकार की नीतियों के कारण चावल उत्पादन क्षेत्र में संपन्न हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि तेलंगाना को केंद्र से पर्याप्त मदद दी जा रही है और किसानों को सबसे अच्छी तरह से सब्सिडी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि किसानों से संबंधित मामलों का परिचालन और संचालन बेहतर हो रहा है और इसका सीधा लाभ किसानों को मिल रहा है। उनका कहना था कि वह 16वीं लोकसभा के भी सदस्य रहे हैं और उन्होंने देखा है कि प्रधानमंत्री मोदी किसानों के हित के लिए जो योजनाएं लेकर आये उससे किसानों में उत्साह बढ़ा है और उसी का फायदा आज किसानों को मिल रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि किसानों को जो सुविधा सरकार की तरफ से दी गई है उसकी वजह से किसानों की क्रय क्षमता में जबरदस्त इजाफा हुआ है और यह उनकी आय बढ़ने के कारण ही संभव हुआ है।

समाजवादी पार्टी के नरेश उत्तम पटेल ने कहा कि किसानों की आय ही बढाई जानी चाहिए बल्कि उन्हें न्याय भी मिलना चाहिए। उन्होंने उत्तर प्रदेश के आलू किसानों का मुद्दा उठाया और कहा कि किसान का आलू पांच से छह रुपए में बिक रहा है जबकि बाजार में किसान का वही आलू 30 रुपए किलो बिक रहा है। उनका कहना था कि बीच का पैसा कौन खा रहा है इस पर भी विचार होना चाहिए। उन्होंने अमेरिका के साथ व्यापार समझौते का जिक्र किया और कहा कि इस समझौते किसानों को सीधा नुकसान होगा और ग्रामीण महिलाओं की आय तथा दुग्घ उत्पादन पर इसका सीधा असर होगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका से आने वाला उत्पादन किसानों के लिए अत्यंत खतरनाक है। अमेरिका में किसानों को सब कुछ निशुल्क मिलता है और उनका जो उत्पादन भारत आएगा वह स्वाभाविक रूप से सस्ता होगा और उससे भारत के किसानों को नुकसान होगा।

उन्होंने किसानों को एमएसपी की गारंटी देने की मांग की और कहा कि इससे किसानों लाभ होगा। उन्होंने यह भी कहा कि यह सरकार का किसानों से किया गया वादा था जिसे पूरा किया जाना चाहिए और किसानों को केंद्र से जरूरी सुविधाएं दी जानी चाहिए।

तृणमूल कांग्रेस की प्रतिमा मंडल ने दिल्ली की सीमा पर हुए किसानों के आंदोलन का जिक्र किया और कहा कि किसानों के हित के लिए सरकार ने अब तक कदम नहीं उठाया है। उनका कहना था कि किसान ही देश को आगे लेकर जा सकता है इसलिए किसानों को सारी सुविधाएं देकर देश में खेती को विशेष महत्व देते हुए कृषि विज्ञान केंद्रों का सही तरह से पोषण किया जाना चाहिए। फसल बीमा योजना को कम करने का सरकार पर आरोप लगाते हुए उन्होंने इसे बढाने और एमएसपी को सख्ती से लागू करने की मांग की है।

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