सपा के विरोधी दलों की रैलियों में भीड़ ‘लाकर’ जुटाई जाती है : अखिलेश यादव

गौतमबुद्ध नगर, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा ) का नाम लिये बगैर हमला करते हुये समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रविवार को कहा कि सपा के विरोधी दल की रैलियों में भीड़ स्वाभाविक नहीं होती बल्कि लोगों काे लाकर जुटाई जाती है।
वर्ष 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर श्री यादव ने दादरी में ‘समाजवादी समानता भाईचारा’ रैली कर पश्चिम की राजनीति को गर्मा दिया है। इस रैली को आगामी चुनावों के लिए सपा का बड़ा शक्ति प्रदर्शन माना जा रहा है।
दादरी के मिहिर भोज कालेज के प्रांगण में आयोजित रैली को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा के विरोधी दलों की रैलियों में भीड़ स्वाभाविक नहीं बल्कि “लोगों को लाकर” जुटाई जाती है। उन्होंने कहा कि “आज के दौर में कैमरों से कुछ भी छिपा नहीं रह सकता” और सच्चाई सामने आ जाती है।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि खुद को दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बताने वाले दल को रैलियों के लिए सरकारी कर्मचारियों और संसाधनों का सहारा लेना पड़ रहा है। साथ ही आरोप लगाया कि कुछ स्थानों से छात्रों को भी रैली में शामिल होने के लिए बुलाया गया और उन्हें छुट्टी दी गई।
अखिलेश यादव ने राज्य सरकार के विकास दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि “7 एयरपोर्ट चालू किए गए और 6 बंद हो गए।” उन्होंने नए एयरपोर्ट के उद्घाटन पर तंज करते हुए कहा कि कम से कम यह भरोसा दिया जाए कि उसे निजी हाथों में नहीं बेचा जाएगा।
किसानों के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने मुआवजे के नाम पर किसानों के साथ अन्याय किया है। सपा सरकार बनने पर बाजार दर से मुआवजा देने का वादा भी किया। उन्होंने कहा कि 50 लाख करोड़ रुपये के एमओयू साइन किए गए, लेकिन जमीन पर न निवेश दिखा और न रोजगार। युवाओं के रोजगार को लेकर भी उन्होंने सरकार को घेरा और सपा की सरकार बनने पर नौकरी के अवसर बढ़ाने की बात कही।
इस दौरान नोएडा को लेकर अंधविश्वास वाले बयान पर जवाब देते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल में कई बार क्षेत्र का दौरा किया और मेट्रो जैसी परियोजनाओं से दिल्ली-नोएडा-ग्रेटर नोएडा को जोड़ा। अखिलेश यादव ने कहा कि जब तक भाजपा सत्ता में है, संविधान खतरे में रहेगा। उन्होंने लोगों से “नकारात्मक और विभाजनकारी राजनीति” को हटाने की अपील करते हुए सामाजिक न्याय और समानता की लड़ाई जारी रखने की बात कही।





