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ट्रैक्टरों के काफिले के साथ भारी संख्या में किसानों का दिल्ली की ओर कूच

नई दिल्ली,  गणतंत्र दिवस पर किसान मोर्चा की ओर से दिल्ली के आउटर रिंग रोड पर ट्रैक्टर परेड के ऐलान के बाद काफी संख्या में ट्रैक्टरों के काफिले के साथ किसान दिल्ली बॉर्डर की ओर रवाना हो रहे है। हाइवे पर हर दस सेकेंड में दिल्ली की तरफ तिरंगा, भाकियू का झंडा लगे ट्रैक्टर-ट्राली जाते दिखाई दे रहे है।

हरियाणा में जींद में उचाना के पुलिस थाना से आगे लगाए गए भंडारे पर किसानों के काफिले रूक कर आगे जा रहे है तो खटकड़ टोल पर दिए जा रहे धरने भी कुछ देर दिल्ली जाने वाले क्षेत्र के किसानों के काफिले रूक कर जा रहे है।

करसिंधु गांव से किसानों ने 200 से अधिक ट्रैक्टर तो उचाना कलां से 21, सफा खेड़ी से एक दर्जन के करीब, दुर्जनपुर से 50 के करीब टै्रक्टर रवाना होने की जानकारी किसानों ने दी। किसान पूरी तैयारियों के साथ दिल्ली बॉर्डर के लिए रवाना हो रहे है। गांव से महिलाए गीत गाकर किसानों को रवाना कर रही है। करसिंधु गांव में महिलाओं ने दिल्ली जा रहे किसानों को गीत गाकर रवाना किया। किसान अपने साथ सर्दी से बचने के लिए लकड़ के अलावा खाने, पीने का सामान भी लेकर जा रहे है। बारिश को देखते हुये ट्राली पर तिरपाल का इंतजाम करके जा रहे है। दिल्ली बॉर्डर पर जाने वालों में युवा किसान नजर आ रहे है।

किसान सोनू, सतबीर, वीरेंद्र, आशीष, सुरेश, सुभाष, बंसी, भीरा ने कहा कि दो महीने किसानों को दिल्ली बॉर्डर पर तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर धरना देते हो गए है। कितने ही किसान इस आंदोलन में मौत का ग्रास बन चुके है लेकिन सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है। आंदोलन जब से शुरू हुआ है तब से लेकर अब तक मीटिंग के नाम पर किसानों को गुमराह करते रहे। सरकार की मंशा एक बार भी किसानों की मांगे मानने की अब तक नजर नहीं आ रही है। अब 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के दिन किसानों के ट्रैक्टर शांति पूर्वक तरीके से दिल्ली के आउटर रिंग रोड पर परेड करेंगे। दिल्ली के आस-पास के सभी राज्यों से लाखों की संख्या में ट्रैक्टरों पर करोड़ों किसान पहुंचेंगे। हर गांव से ट्रैक्टर लेकर किसान दिल्ली बॉर्डर पर जा रहा है।