8 मार्च 2026 को जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में महिलाओं की सेहत और सशक्तिकरण की दौड़

महिलाओं की सेहत और सशक्तिकरण को समर्पित ज़ाइडस पिंकाथॉन साढ़े छह साल बाद दिल्ली लौट रहा है। 8 मार्च 2026 को जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में यह खास आयोजन होगा।

8 मार्च 2026, अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर, राजधानी के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में होने वाला यह आयोजन पिंकाथॉन का आठवां दिल्ली संस्करण होगा।

मुंबई में हाल ही में संपन्न हुए पिंकाथॉन के 10वें संस्करण की शानदार सफलता—जहां 5,300 से अधिक महिलाओं ने भाग लिया और दृष्टिबाधित महिलाओं की सबसे बड़ी सहभागिता का विश्व रिकॉर्ड बना—के बाद दिल्ली संस्करण को लेकर उत्साह चरम पर है।

3 किमी से 100 किमी तक की दौड़

हर महिला के लिए एक मंच

ज़ाइडस पिंकाथॉन दिल्ली में इस बार सभी आयु और फिटनेस स्तर की महिलाओं के लिए विभिन्न कैटेगरी शामिल होंगी:

3 किमी

लाइफलॉन्ग 5 किमी

10 किमी

50 किमी

75 किमी

100 किमी

100 किमी रिले

यह आयोजन पहली बार दौड़ने वाली महिलाओं से लेकर अनुभवी अल्ट्रा रनर्स तक—सभी को एक साथ जोड़ने का अवसर देगा।

पिंकाथॉन के मूल स्तंभ—महिलाओं की सेहत, समावेशन, प्रेरणा और सशक्तिकरण—इस संस्करण में भी केंद्र में रहेंगे।

‘ईज़िएस्ट एग्ज़ाम’ अभियान के ज़रिये स्वास्थ्य पर फोकस

टाइटल पार्टनर ज़ाइडस लाइफसाइंसेज़ के सहयोग से पिंकाथॉन का यह संस्करण खेल को प्रिवेंटिव हेल्थकेयर से जोड़ता है।

ज़ाइडस के Easiest Exam अभियान के माध्यम से महिलाओं को स्तन कैंसर की समय पर जांच और सेल्फ-एग्ज़ाम के महत्व के बारे में जागरूक किया जाएगा—यह संदेश देते हुए कि सिर्फ 3 मिनट का सेल्फ-एग्ज़ाम जीवन बचा सकता है।

प्रेरणादायक महिला मैस्कॉट्स होंगी आकर्षण का केंद्र

दिल्ली संस्करण में अलग-अलग कैटेगरी की प्रतिनिधि महिला मैस्कॉट्स आयोजन की प्रेरणा बनेंगी:

कमांडर प्रिया खुराना – 100 किमी

ऋतु चंदेल हांडा – 75 किमी

आरती लिमजे (दृष्टिबाधित रनर) – 50 किमी

जसविंदर कौर – 10 किमी

भावना सक्सेना (कैंसर सर्वाइवर) – लाइफलॉन्ग 5 किमी

मारिया बगात्सिंग (बेबी-वियरिंग मदर) – 3 किमी

ये सभी महिलाएं पिंकाथॉन की समावेशी, साहसी और प्रेरक सोच को दर्शाती हैं।

दिल्ली का पिंकाथॉन से गहरा रिश्ता

अब तक दिल्ली में 50,000 से अधिक महिलाएं पिंकाथॉन का हिस्सा बन चुकी हैं।

इस संस्करण का उद्देश्य राजधानी की महिला रनिंग कम्युनिटी को फिर से सक्रिय करना और ग्रासरूट स्तर पर फिटनेस संस्कृति को मजबूत करना है।

आयोजकों और साझेदारों की राय

मिलिंद सोमन, (संस्थापक, पिंकाथॉन) ने कहा,“दिल्ली हमेशा पिंकाथॉन की कहानी का अहम हिस्सा रही है। यहां लौटना ऐसा है जैसे एक अधूरी बातचीत को फिर से आगे बढ़ाना।”

डॉ. शरविल पटेल, (एमडी, ज़ाइडस लाइफसाइंसेज़) ने कहा, “ईज़िएस्ट एग्ज़ाम अभियान के माध्यम से हम महिलाओं को यह समझाना चाहते हैं कि सिर्फ 3 मिनट का सेल्फ-एग्ज़ाम जीवन बचा सकता है।”

पिंकाथॉन: सिर्फ एक दौड़ नहीं, एक आंदोलन

2012 में शुरू हुई पिंकाथॉन आज एक राष्ट्रीय आंदोलन बन चुकी है, जिसने अब तक 5 लाख से अधिक महिलाओं को फिटनेस और आत्मविश्वास की ओर प्रेरित किया है।

साड़ी रन, दादी-नानी की दौड़, दृष्टिबाधित महिलाओं की भागीदारी और बेबी-वियरिंग मदर्स जैसी पहलें इसे एक अनोखी पहचान देती हैं।

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