Fortis Hospital Manesar में पहली बार माको रोबोटिक नी रिप्लेसमेंट सर्जरी की शुरुआत

घुटनों का पुराना दर्द सिर्फ शरीर को ही नहीं, बल्कि व्यक्ति की रोज़मर्रा की जिंदगी को भी प्रभावित करता है। कई लोग सालों तक दर्द सहते रहते हैं और चलना-फिरना, सीढ़ियां चढ़ना या घर के काम करना भी मुश्किल हो जाता है।
अब ऐसे मरीजों के लिए मानेसर में ही उन्नत इलाज उपलब्ध है। फोर्टिस हॉस्पिटल मानेसर ने क्षेत्र में पहली बार माको (MAKO) रोबोटिक-आर्म असिस्टेड नी रिप्लेसमेंट सर्जरी की सुविधा शुरू की है। यह तकनीक घुटनों की जटिल समस्याओं के इलाज में ज्यादा सटीक और सुरक्षित मानी जाती है।
क्या है माको रोबोटिक सर्जरी?
माको तकनीक में 3D सीटी स्कैन की मदद से सर्जरी से पहले पूरी योजना बनाई जाती है। इसके बाद रोबोटिक-आर्म की सहायता से सर्जन बहुत सटीक तरीके से इंप्लांट लगाते हैं।
इस तकनीक के फायदे:
सर्जरी ज्यादा सटीक और मरीज के शरीर के अनुसार
हेल्दी हड्डी और टिश्यू को कम नुकसान
ऑपरेशन के बाद कम दर्द
जल्दी रिकवरी और बेहतर मूवमेंट
मरीजों को मिला नया जीवन
फोर्टिस मानेसर में कई मरीजों का सफल इलाज किया गया है।
68 वर्षीय आशा देशवाल – दोनों घुटनों में गंभीर ऑस्टियोआर्थराइटिस था। रोबोटिक टोटल नी रिप्लेसमेंट के बाद वह सर्जरी के कुछ घंटों में ही खड़ी हो सकीं और अब बिना सहारे चल रही हैं।
69 वर्षीय नीलम भयाना – 15 साल से दर्द झेल रही थीं। सर्जरी के बाद अब वे बिना दर्द के चल-फिर रही हैं और पारिवारिक कार्यक्रमों में सक्रिय भाग ले रही हैं।
69 वर्षीय राधिया देवी – सर्जरी के 24 घंटे के अंदर खड़ी हो गईं और अब आत्मनिर्भर जीवन जी रही हैं।
61 वर्षीय संतोष – तीन साल से गंभीर दर्द में थीं। अब आसानी से चलती हैं और सीढ़ियां चढ़ पाती हैं।
74 वर्षीय प्रेम चंद पाहवा – बो-लेग डिफॉर्मिटी से पीड़ित थे। रोबोटिक सर्जरी के बाद अब सीधे खड़े होकर चल पा रहे हैं और उनका दर्द भी कम हो गया है।
विशेषज्ञ की राय
अस्पताल के ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में ऑस्टियोपोरोसिस और हड्डियों की कमजोरी की समस्या बढ़ रही है, खासकर महिलाओं में। सही समय पर इलाज न मिलने से स्थिति गंभीर हो सकती है।
माको रोबोटिक तकनीक की मदद से सर्जरी की योजना पहले से बनाकर बहुत सटीक तरीके से ऑपरेशन किया जाता है, जिससे मरीजों को बेहतर परिणाम मिलते हैं।
अब दिल्ली जाने की जरूरत नहीं
फोर्टिस मानेसर अब क्षेत्र का पहला अस्पताल बन गया है जहां यह उन्नत रोबोटिक नी रिप्लेसमेंट सुविधा उपलब्ध है। इससे बुजुर्ग मरीजों को इलाज के लिए बड़े शहरों में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उन्हें अपने घर के पास ही विश्वस्तरीय इलाज मिल सकेगा।
माको रोबोटिक नी रिप्लेसमेंट सर्जरी ने मानेसर के मरीजों के लिए नई उम्मीद जगाई है। अब घुटनों के पुराने दर्द से राहत पाकर लोग फिर से आत्मनिर्भर और सक्रिय जीवन जी पा रहे हैं।





