AI के साथ स्मार्ट IVF ट्रीटमेंट की शुरुआत, Gaudium IVF की नई पहल

नई दिल्ली, भारत में फर्टिलिटी ट्रीटमेंट के क्षेत्र में एक नया कदम उठाया गया है। Gaudium IVF ने AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की मदद से बांझपन के इलाज की शुरुआत की है। यह पहल इसलिए भी खास है क्योंकि हाल ही में यह देश की पहली लिस्टेड IVF चेन बनी है।

AI से इलाज होगा ज्यादा सटीक

अब Gaudium IVF अपने इलाज में नई AI टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रहा है। इसमें SiD और ERICA जैसे स्मार्ट सिस्टम शामिल हैं, जो स्पर्म और एम्ब्रियो को चुनने में डॉक्टरों की मदद करते हैं। इससे इलाज ज्यादा सही और भरोसेमंद बनता है।

केंद्रीय मंत्री ने किया उद्घाटन

इस नई शुरुआत का उद्घाटन केंद्रीय मंत्री Nitin Jairam Gadkari ने किया। उन्होंने कहा कि AI जैसी तकनीकें भारत को आगे बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभा रही हैं।

विदेशी तकनीक अब भारत में 

यह नई तकनीक यूके की संस्था IVF 2.0 के साथ मिलकर लाई गई है। इससे अब भारत में भी दुनिया की आधुनिक एम्ब्रायोलॉजी तकनीक का फायदा मिलेगा।

एक्सपर्ट्स का नजरिया

Gaudium IVF की चेयरपर्सन Dr. Manika Khanna ने कहा,“अब फर्टिलिटी ट्रीटमेंट में सटीकता बहुत जरूरी है। AI से हम मरीजों को बेहतर इलाज और अच्छा अनुभव दे पाएंगे।”

कैसे काम करती है ये टेक्नोलॉजी

SiD: यह सिस्टम सबसे अच्छे स्पर्म को पहचानने में मदद करता है।

ERICA: यह एम्ब्रियो की क्वालिटी देखकर सही एम्ब्रियो चुनने में मदद करता है।

दोनों ही तकनीक बिना किसी नुकसान के काम करती हैं और डॉक्टरों के फैसले को आसान बनाती हैं।

मरीजों को क्या फायदा होगा

इलाज के सफल होने की संभावना बढ़ेगी

बार-बार IVF कराने की जरूरत कम होगी

समय, पैसा और मानसिक तनाव कम होगा

आगे क्या बदलेगा?

AI के इस्तेमाल से फर्टिलिटी ट्रीटमेंट अब पहले से ज्यादा आसान और बेहतर बनने की उम्मीद है। Gaudium IVF की यह पहल आने वाले समय में पूरे हेल्थकेयर सेक्टर में नई दिशा दिखा सकती है।

 

 

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