अगर आपका नाम मतदाता सूची में नही तो तुरंत करें ये काम?

उत्तर प्रदेश में स्पेशल इंसेंटिव रिवीजन (एसआईआर) के तहत पहले चरण की प्रक्रिया पूरी हो गई है. जिसके तहत 12 करोड़ 55 लाख 56 हजार 25 SIR फॉर्म मिले है. ड्राफ्ट वोटर लिस्ट के मुताबिक 2.17 करोड़ वोटर्स स्थानांतरित हुए जबकि, 46.23 लाख मृत वोटर्स के नाम कटेंगे. इसके अलावा 25.46 लाख डुप्लीकेट, 83.73 लाख अनुपस्थित वोटर्स के नाम भी कटेंगे 9.57 लाख अन्य श्रेणी के मतदाताओं का भी नाम कटेगा.
यूपी में अब अगर प्रकशित की गई ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में आपका नाम नहीं है, तो घबराने की जरूरत नहीं है. ड्राफ्ट सूची के आधार पर नागरिक दावा और आपत्ति दर्ज करा सकते हैं. यदि आपका नाम गलती से हट गया है या किसी तरह की त्रुटि है, तो उसे ठीक कराने का राज्य निर्वाचन आयोग नागरिकों को पूरा अवसर दे रहा है, ताकि अंतिम मतदाता सूची में कोई भी पात्र मतदाता छूट न जाए. 6 जनवरी से 6 फरवरी तक कोई भी नागरिक नाम जोड़ने, हटाने या उसमें सुधार के लिए आवेदन कर सकता है. इस दौरान प्राप्त सभी दावों और आपत्तियों की जांच के बाद ही अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी.
इसलिये आप अपना नाम अभी भी जुड़वा सकते हैं. अभी भी आपके पास एक महीने का समय है. 6 जनवरी से लेकर 27 फरवरी 2026 तक नोटिस चरण में, दावों एवं आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा. ऐसे में आप क्या करें, आइए जानते हैं-
मतदाता अपने बूथ पर पहुंचकर मतदाता सूची का निरीक्षण करके अपना नाम तलाश लें। 11 जनवरी 2026 को सभी बूथों पर बूथ लेवल अधिकारी भी उस बूथ के सभी वोटर लिस्ट के नामों को पढ़कर सुनाएंगे.
ड्राफ्ट लिस्ट में 2,75,211 मतदाता ऐसे हैं जिन्होंने अपने गणना प्रपत्र में अपना अथवा अपने माता-पिता का वर्ष 2003 की मतदाता सूची का विवरण दर्ज नहीं किया है। इनको नोटिस जारी करने का कार्य किया जा रहा है। जिसका जवाब और साक्ष्य उपलब्ध कराने के लिए मतदाता को सात दिन का समय दिया जाएगा। ऐसे लोग चुनाव आयोग में मान्य 13 दस्तावेजों में से किसी एक को जमा कर वोटर बन सकेंगे. नोटिस जारी करने के लिए प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के ईआरओ (निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी) के नाम से लागिन तैयार करा लिए गए हैं। उन्हीं लागिन के माध्यम से नोटिस प्रिंट होंगे। इन नोटिसों के जवाब की सुनवाई के लिए आयोग ने 269 अधिकारियों की ड्यूटी है। प्रत्येक अधिकारी रोजाना 100 नोटिसों की सुनवाई करेगा। 6 मार्च को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होगी.
चुनाव आयोग ने साक्ष्य के रूप में कुछ अभिलेख मान्य किए हैं। जिन्हें आप अपने नोटिस के जवाब के साथ उपलब्ध करा सकतें हैं। ये मान्य अभिलेख हैं-
केंद्र, राज्य सरकार या सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के कर्मचारियों या पेंशनभोगियों को जारी पहचान पत्र
एक जुलाई 1987 से पहले सरकार/स्थानीय प्राधिकरणों/बैंकों/डाकघर/एलआइसी/ सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों द्वारा जारी किया गया कोई भी पहचान पत्र/प्रमाणपत्र/ अभिलेख
सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र
पासपोर्ट
मान्यता प्राप्त बोर्ड/विश्वविद्यालयों द्वारा जारी हाईस्कूल/शैक्षणिक प्रमाण पत्र
सक्षम राज्य प्राधिकारी द्वारा जारी स्थायी निवास प्रमाण पत्र
वन अधिकार प्रमाण पत्र
सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी ओबीसी/एससी/एसटी या कोई भी जाति प्रमाण पत्र
राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (जहां भी हो)
राज्य/स्थानीय प्राधिकारियों द्वारा तैयार किया गया परिवार रजिस्टर
सरकार द्वारा जारी कोई भी भूमि/मकान आवंटन प्रमाण पत्र
आधार के साथ कोई भी एक प्रमाण पत्र और लगाना होगा
बिहार एसआइआर की मतदाता सूची
मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने के लिये आप तीन तरह के फार्म का प्रयोग कर सकतें है-
फॉर्म 6– 18 साल की उम्र पूरी करने वाले नए मतदाताओं के लिए
फॉर्म 7– वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए, आपत्तियों के लिए
फॉर्म 8– निवास स्थान बदलने/मतदाता सूची में सुधार/वोटर कार्ड बदलने
ये फॉर्म आप बूथ लेवल अधिकारी के पास सबमिट कर सकते हैं।
यदि आप फार्म आनलाईन भरना चाहें तो चुनाव आयोग की वेबसाइट (voters.eci.gov.in) और CINET APP के जरिए भी ऑनलाइन फॉर्म भरा जा सकता है।
दावे और आपत्तियों से जुड़ी जानकारी भी मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तर प्रदेश की वेबसाइट (https://ceouttarpradesh.nic.in) से हासिल की जा सकेगी.
चुनाव आयोग ने एसआइआर के दौरान राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट की मदद लेने का हर संभव प्रयास किया है। अब ड्राफ्ट वोटर लिस्ट के निरीक्षण के दौरान दावे और आपत्तियों के कार्यों में भी उन्हें प्राथमिकता पर रखा गया है। इसलिये आप इस कार्य के लिये BLA का भी सहयोग ले सकतें हैं।





