हरमनप्रीत कौर के नाम पर बना भारत का पहला ‘पिंक स्टैंड’

नई दिल्ली, ओमैक्स लिमिटेड ने द्वारका में बन रहे अपने बड़े प्रोजेक्ट ‘द ओमैक्स स्टेट’ में एक खास पहल की है। कंपनी ने स्टेडियम के एक स्टैंड का नाम भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर के नाम पर रखने की घोषणा की है। इस स्टैंड को “पिंक स्टैंड” कहा जाएगा।

क्या है ‘पिंक स्टैंड’?

‘हरमनप्रीत कौर स्टैंड’ स्टेडियम के नॉर्थ पवेलियन के लोअर हिस्से में बनाया जाएगा।

इसमें 1500 से ज्यादा सीटें होंगी

ये स्टेडियम की सबसे अच्छी सीटों में शामिल होंगी

यहां से मैदान का शानदार व्यू मिलेगा

इस स्टैंड को खास तौर पर महिलाओं और परिवारों के लिए डिजाइन किया गया है, ताकि वे आराम से लाइव मैच का आनंद ले सकें।

कैसा होगा ‘द ओमैक्स स्टेट’ प्रोजेक्ट?

द्वारका सेक्टर 19बी में बन रहा ‘द ओमैक्स स्टेट’ एक बड़ा स्पोर्ट्स और लाइफस्टाइल प्रोजेक्ट है।

यह 50+ एकड़ में फैला होगा

करीब ₹2500 करोड़ का निवेश किया गया है

स्टेडियम की क्षमता 30,000 दर्शकों की होगी

यह भारत का पहला “5-इन-1” डेस्टिनेशन होगा, जहां स्पोर्ट्स, शॉपिंग, होटल, फूड और सोशल स्पेस सब एक साथ मिलेंगे।

इंटरनेशनल लेवल का डिजाइन

इस प्रोजेक्ट के डिजाइन के लिए बेंटेल एसोसिएट्स इंटरनेशनल को शामिल किया गया है।

यह कंपनी स्टेडियम, होटल और रिटेल स्पेस को वर्ल्ड-क्लास बनाने में मदद करेगी।

महिलाओं के लिए खास सुविधाएं

इस स्टेडियम में महिलाओं और खिलाड़ियों के लिए खास सुविधाएं होंगी:

अलग ड्रेसिंग रूम और वॉशरूम

सुरक्षित और आरामदायक माहौल

फैमिली-फ्रेंडली सीटिंग

इसका मकसद ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को खेल देखने के लिए प्रेरित करना है।

क्या बोलीं हरमनप्रीत कौर?

हरमनप्रीत कौर ने इस सम्मान पर खुशी जताते हुए कहा कि उनके नाम पर स्टैंड बनना उनके लिए गर्व की बात है।

उन्होंने कहा कि यह पहल महिला क्रिकेट को आगे बढ़ाने में मदद करेगी और नई पीढ़ी को प्रेरित करेगी।

स्टेडियम की खास सुविधाएं

‘द ओमैक्स स्टेट’ सिर्फ स्टेडियम नहीं बल्कि एक पूरा अनुभव होगा:

इनफिनिटी पूल

कैफे और को-वर्किंग स्पेस

खिलाड़ियों के लिए रहने की सुविधा

इंडोर स्पोर्ट्स एरेना

मल्टीप्लेक्स और शॉपिंग एरिया

इसके अलावा, यहां स्मार्ट गेट्स और एआई बेस्ड सिक्योरिटी सिस्टम भी होंगे।

क्या है इस पहल का मकसद?

ओमैक्स का लक्ष्य है कि स्टेडियम सिर्फ मैच देखने की जगह न होकर एक ऐसा स्थान बने जहां हर कोई—खासकर महिलाएं—खुद को सुरक्षित और स्वागतयोग्य महसूस करें।

 

 

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