वाराणसी, दलित नेता एवं गुजरात के विधायक जिग्नेश मेवानी ने बीजेपी सरकार पर संविधान एवं कानून की धज्जियां उड़ाने और दलित विरोधी होने का गंभीर आरोप लगाया है। जिग्नेश ने बसपा अध्यक्ष मायावती को अपनी बहन बताते हुए दलित-एकता का बड़ा संदेश दिया है।
कबीर चौरा स्थित कबीर मूलगादी मठ में आयोजित नव दलित महासम्मेलन में जिग्नेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि मोदी जी बड़े-बड़े वादे और दावे करके बनारस आए थे। इसलिए हमारा भी कर्तव्य बनता है कि हम भी बनारस आकर यह देखें की गंगा मैया और बनारस की साड़ी का क्या हाल है।जिग्नेश मेवाड़ी ने एससी-एसएटी एक्ट पर कहा कि मोदी जी बड़े होशियार हैं एससी-एसएसटी के मामले पर उन्होंने पहले जोर से चांटा मारा था और अब प्रो दलित और प्रो ट्राइबल दिखने के लिए ये सब कर रहे हैं।
जिग्नेश ने बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती को अपनी बहन बताते हुए पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तेजी से उभर रहे चंद्रशेखर और खुद को मायावती का दायां-बायां हाथ बताया। सभा के बाद विधायक मेवानी ने संवाददाताओं से बातचीत के दौरान मायावती की ओर इशारा करते हुए उनके नेतृत्व को स्वीकारने का संकेत दिया। उन्होंने कहाकि बहनजी के एक तरफ जिग्नेश और दूसरी तरफ चंद्रशेखर रावण खड़ा होगा, तो उनका कोई मुकाबला नहीं कर सकता। जिग्नेश मेवानी ने कहा मोदी हमारे कुछ नहीं हैं मायावती हमारी बहन है। जिग्नेश ने कहा कि बहन जी हमारी बहन हैं और हम उनके भाई हैं।
दलित नेता ने नव दलित सम्मलेन को संबोधित करते हुए प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ-साथ उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पर भी जमकर बोला। उन्होंने कहा कि गत चार वर्षों में जिस प्रकार से दलितों को झूठे मुकदमों में फंसाया गया है, ऐसा आजादी के बाद कभी नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ की सरकार के दौरान बदमाशों को पकड़ने के नाम पर फर्जी मुठभेड़ में गरीबों एवं दलितों को मारा जा रहा है। उन्हें फर्जी मुकदमों में फंसाया जा रहा है।
जिग्नेश मेवानी ने कहा कि गत नौ अप्रैल के भारत बंद के दौरान सैंकड़ों दलितों पर झूठे मुकदमे दायरे किये गए। अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले दलितों निशाना बनाने का सिलसिला जारी है। हालत ये है कि दलित आंदोलन को आर्थिक मदद देने वाले अधिकारियों को खोज-खोज कर परेशान किया जा रहा है।
विधायक जिग्नेश मेवानी ने कहा कि केंद्र सरकार को सत्ता से बेदखल करने के लिए विपक्षी राजनीतिक दलों एवं लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले सामाजिक संगठनों मिलकर चलना होगा। उन्होंने कहा कि भारत के लोकतंत्र को बचाने के लिए 2019 के लोक सभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को सत्ता से बेदखल करना होगा।
मानवाधिकार जान-निगरानी समिति और अन्य सामाजिक संस्थानों के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित सम्मेलन को वरिष्ठ पत्रकार एवं राज्य सभा टीवी के पूर्व कार्यकारी निदेशक उर्मीलेश, दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज के प्रो0 रतन लाल के अलावा नदीम खान, श्रुति नागवंशी समेत अनेक नेताओं, बुद्धिजीवियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी संबोधित किया। सम्मेलन में उत्तर प्रदेश के अलावा बिहार, झारखंड सहित कई राज्यों के लोग शामिल हुए।