नई दिल्ली, पिछले साल सुप्रीम कोर्ट की प्रणाली पर सवाल उठाने वाले जजों में शामिल जज भारत के अगले मुख्य न्यायधीश होंगे। इस पोस्ट के लिए उनके नाम की सिफारिश वर्तमान मुख्य न्यायधीश दीपक मिश्रा ने सरकार से की है।
सुप्रीम कोर्ट की प्रणाली पर सवाल उठाने वाले जजों में जस्टिस रंजन गोगोई भी शामिल थे। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के प्रशासन और न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर सवाल उठाया था। जस्टिस रंजन गोगोई भारत के अगले मुख्य न्यायधीश होंगे। इस पोस्ट के लिए उनके नाम की सिफारिश वर्तमान मुख्य न्यायधीश दीपक मिश्रा ने सरकार से की है।
जस्टिस गोगोई सुप्रीम कोर्ट के उन चार जजों में शामिल रहे हैं, जिन्होंने 12 जनवरी 2018 को एक अप्रत्याशित प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुप्रीम कोर्ट के कामकाज के तरीके और न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर सवाल उठाए गए थे। सवाल उठाने वाले सुप्रीम के चार जजों में जस्टिस रंजन गोगोई के साथ जस्टिस चेलमेश्वर, जस्टिस मदन लोकुर और जस्टिस कुरियन जोसेफ शामिल थे। इन जजों का आरोप था कि संवेदनशील मामलों को चुनिंदा जजों के पास भेजा जा रहा है और ये लोकतंत्र के लिए एक बड़ा खतरा है।
इससे पहले कानून मंत्रालय ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया को अधिकारिक तौर पर पत्र लिखकर अपना उत्तराधिकारी तलाशने के लिए कहा था। परंपरा के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के सबसे सीनियर जज को चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया बनाया जाता है। ऐसे में वरिष्ठता के आधार पर जस्टिस गोगोई का नाम सबसे आगे है। सूत्रों के अनुसार, जस्टिस गोगोई 3 अक्टूबर को शपथ ले सकते हैं। इसके बाद उनका कार्यकाल 17 नवंबर 2019 तक रहेगा।
जस्टिस गोगोई असम के रहने वाले हैं। वह इस समय एनसीआर (नैशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन) अपडेट करने की प्रक्रिया की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। जस्टिस रंजन गोगोई को 28 फरवरी 2001 में गुवाहाटी हाई कोर्ट का जज बनाया गया था। इसके बाद 12 फरवरी 2011 को उन्हें पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट का मुख्य न्यायधीश बनाया गया। इसके बाद अप्रैल 2012 में उन्हें सुप्रीम कोर्ट में लाया गया।