हर भाषा, हर घर तक पहुंचेगा लंग कैंसर जागरूकता अभियान

मुंबई, देश में Lung Cancer के बढ़ते मामलों के बीच जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से ‘इंडिया डिटेक्ट्स टू डिफीट’ अभियान का दूसरा चरण शुरू किया गया है। इस पहल का मकसद लोगों को लंग कैंसर की समय पर पहचान के प्रति जागरूक करना है, ताकि इलाज समय रहते शुरू किया जा सके।
इस अभियान के तहत अब जानकारी को और अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए हिंदी सहित कई क्षेत्रीय भाषाओं में सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।
इस पहल को Johnson & Johnson इंडिया द्वारा आगे बढ़ाया जा रहा है।
अब अपनी भाषा में मिलेगी आसान जानकारी
इस अभियान के दूसरे चरण में अब जानकारी को और ज्यादा लोगों तक पहुंचाने के लिए हिंदी, कन्नड़, तमिल, मलयालम और तेलुगू जैसी 5 भाषाओं में बुकलेट उपलब्ध कराई गई हैं।
ये बुकलेट प्रिंट और डिजिटल दोनों रूप में हैं
देशभर के चुनिंदा क्लिनिक्स में मिलेंगी
QR कोड स्कैन करके भी आसानी से पढ़ी जा सकती हैं
तेजी से बढ़ रहा है Lung Cancer का खतरा
भारत में लंग कैंसर के मामले लगातार बढ़ रहे हैं।
2015 में: 63,708 मामले
2025 में: 81,219 मामले
इसके पीछे मुख्य कारण हैं:
धूम्रपान
बढ़ता प्रदूषण
देश में करीब 100 मिलियन लोग धूम्रपान करते हैं, जिससे खतरा और बढ़ जाता है।
क्यों है यह बीमारी इतनी खतरनाक?
लंग कैंसर दुनिया में कैंसर से होने वाली मौतों का सबसे बड़ा कारण है। भारत में यह चौथा सबसे ज्यादा पाया जाने वाला कैंसर है।
हर साल:
लगभग 81,000 नए मरीज सामने आते हैं
करीब 75,000 लोगों की मौत हो जाती है
सबसे बड़ी समस्या यह है कि इसकी पहचान अक्सर देर से होती है।
समय पर जांच से बच सकती है जान
लंग कैंसर के मरीजों में 5 साल तक जीवित रहने की दर केवल 3.7% से 17% के बीच है।
करीब 85-90% केस NSCLC (नॉन-स्मॉल सेल लंग कैंसर) के होते हैं
25-30% मरीजों में EGFR म्यूटेशन पाया जाता है
इसलिए डॉक्टर समय पर जांच और मॉलिक्युलर टेस्टिंग कराने की सलाह देते हैं, ताकि सही इलाज मिल सके।
हर व्यक्ति के लिए जरूरी है सही जानकारी
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है:
लोगों को शुरुआती लक्षणों के बारे में जागरूक करना
समय पर जांच के लिए प्रेरित करना
सही इलाज तक पहुंच आसान बनाना
अभियान के पहले चरण में ही 786 मिलियन लोगों और 6,500 हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स तक पहुंच बनाई जा चुकी है।
कहानियों के जरिए लोगों तक पहुंचेगी बात
इस पहल में Amar Chitra Katha का सहयोग लिया गया है। कहानियों के माध्यम से लोगों को आसान भाषा में स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी दी जा रही है, ताकि हर उम्र के लोग इसे समझ सकें।
लक्षण पहचानें, देर न करें
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर लंग कैंसर की पहचान समय पर हो जाए, तो इलाज के बेहतर नतीजे मिल सकते हैं। इसलिए किसी भी लक्षण को नजरअंदाज न करें और तुरंत जांच कराएं।
जागरूक बनें, सुरक्षित रहें
‘इंडिया डिटेक्ट्स टू डिफीट’ अभियान का दूसरा चरण भारत में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
सही समय पर पहचान और सही जानकारी ही लंग कैंसर से बचाव का सबसे बड़ा हथियार है।





