गांधी जी के शहादत दिवस पर भारत जन ज्ञान विज्ञान समिति की ओर से श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित

लखनऊ,  भारत जन ज्ञान विज्ञान समिति के तत्वाधान में आज राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी के शहादत दिवस के अवसर पर समिति के इंदिरा नगर स्थित कार्यालय में आज श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर गांधी जी के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने महात्मा गांधी जी के जीवन, उनके सत्य, अहिंसा एवं सादगी के सिद्धांतों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गांधी जी का जीवन आज भी संपूर्ण मानवता के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने युवाओं से गांधी जी के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर लोगों द्वारा मोमबत्ती जलाकर भी राष्ट्रपिता को श्रद्धांजलि दी गई। तथा उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया गया।
प्रसिद्ध गांधीवादी विचारक श्री राम धीरज ने अपने संबोधन में कहा कि जब भी संकट का समय होता है, उस समय निर्णय लेने के लिए गांधी के विचारों की याद आती है। उन्होंने गांधी की विचारधारा का उल्लेख करते हुए कहा कि वह जीवन यापन के लिए आवश्यक धन की ही जरूरत समझते थे, अकूत संपत्ति की नहीं। उन्होंने बताया कि महात्मा गांधी जी की हथियारों के विरुद्ध शांति की अवधारणा थी। आज भी अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाने के लिए गांधीजी याद आते हैं।

अपने संबोधन में पूर्व आईएएस अनीस अंसारी ने कहा कि गांधी जी का विचार पूरी दुनिया के लिए महत्वपूर्ण था। उनके विचारों को अपनाकर कई देश स्वतंत्र हुए। महात्मा गांधी जी ने समानता, सामाजिक न्याय और बंधुता के लिए सारी उम्र काम किया। उन्होंने इस अवसर पर अच्छे लोगों को राजनीति में आने का आह्वान किया, ताकि अच्छे लोग मुल्क के लिए अपना योगदान दे सकें।

समिति के अध्यक्ष एवं पूर्व आईएएस हरीश चंद्र ने कहा कि आज हम राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी के शहादत दिवस पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन करते हैं। गांधी जी केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि विचार हैं—सत्य, अहिंसा और मानवता के विचार। उन्होंने अपने जीवन से हमें सिखाया कि बिना हिंसा के भी बड़े से बड़ा परिवर्तन संभव है।

आज के समय में जब समाज में वैमनस्य, असहिष्णुता और स्वार्थ बढ़ रहा है, तब गांधी जी के विचार और भी प्रासंगिक हो गए हैं। हमें उनके बताए मार्ग पर चलकर समाज में प्रेम, सद्भाव और समानता स्थापित करने का संकल्प लेना चाहिए।

उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी जी ने सांप्रदायिक सद्भाव के लिए अपना पूरा जीवन लगा दिया। उन्हें राष्ट्रपिता की पदवी नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने तथा महात्मा की उपाधि रविंद्र नाथ टैगोर ने दी थी। उन्होंने आगे कहा कि सांप्रदायिक ताकतों ने उनकी शारीरिक हत्या कराई थी, हमें प्रयास करना होगा कि कोई उनके विचारों की हत्या न कराने पाए। महात्मा गांधी आजादी की लड़ाई में जितना प्रासंगिक थे, वर्तमान समय में भी उनके विचार और अधिक प्रासंगिकता है। उन्होंने कहा कि सांप्रदायिक शक्तियों से सजग रहने के लिए हम गांधी के विचारों का उपयोग ढाल के रूप में कर सकते हैं। हमें गांधी जी के विचारों समानता, स्वतंत्रता और बंधुता के आधार पर राष्ट्र की एकता के लिए प्राण प्राण से जुट जाना चाहिए।

श्रद्धांजलि समारोह को अखिलेश यादव, आलोक सिंह, मधुकर, देश मित्र आनंद तथा अन्य गणमान्य लोगों ने भी संबोधित किया।
भारत जन ज्ञान विज्ञान समिति के सचिव श्री राजेंद्र सिंह यादव ने लोगों का आभार व्यक्त किया तथा समारोह का सफल संचालन डॉक्टर सुरेश उजाला ने किया। कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों के लोग एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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