मुंबई, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के एकबार फिर बोल बिगड़ गयें हैं। पार्टी के 38वें स्थापना दिवस के मौके पर उन्होने विपक्षी पार्टियों की तुलना कुत्ता-बिल्ली तक से कर दी है। इससे पहले वह राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को चतुर बनिया कह चुकें हैं।
राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कहा, ‘‘2019 (चुनाव) के लिए उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। विपक्षी एकजुटता की कोशिश हो रही है। जब भारी बाढ़ आएगी सब कुछ बह जाएगा। केवल एक वटवृक्ष बचेगा और बढ़ते पानी से खुद को बचाने के लिए सांप, नेवला, कुत्ते और बिल्लियां और अन्य जानवर निकलेंगे।’’ शाह ने कहा, ‘‘मोदी बाढ़ के कारण सभी बिल्ली- कुत्ते, सांप और नेवला मुकाबला करने साथ आ रहे हैं।’’ शाह ने अपने भाषण के दौरान इस बात पर जोर दिया कि मोदी सरकार ने समाज के सभी वर्गों के लिए बहुत काम किया है और भाजपा इन्हीं कामों के आधार पर वर्ष 2019 के लोकसभा चुनावों में जीत हासिल करेगी, न कि “खोखले आश्वासनों” के जरिए।
उन्होंने कहा, ‘‘राहुल बाबा और अन्य लोग कह रहे हैं कि हम अजा और अजजा के लिए आरक्षण को खत्म कर रहे हैं। हम किसी भी प्रकार से आरक्षण (नीति) को समाप्त नहीं कर रहे।” शाह ने कहा, “राहुल और (राकांपा प्रमुख शरद) पवार सुन लें, भाजपा कभी भी आरक्षण नीति को खत्म नहीं करेगी। और अगर आप आरक्षण को खत्म भी करना चाहेंगे तो भाजपा आपको ऐसा करने नहीं देगी।” शाह का यह बयान उच्चतम न्यायालय के एक फैसले के बाद पैदा हुए विवाद के बीच आया है। उच्चतम न्यायालय ने हाल में एक फैसला दिया था जिसके बारे में कई लोगों का मानना है कि उसके जरिये अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति अधिनियम को कमजोर कर दिया गया।
बाद में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए शाह ने कहा, ‘‘ मेरा मतलब मोदी के डर से वैचारिक समानता नहीं रखने वाले राजनीतिक दलों के साथ आने से था।’’ वह अपनी टिप्पणी को लेकर सवालों का जवाब दे रहे थे। भाजपा अध्यक्ष ने कहा, ‘‘सांप और नेवला में कुछ भी समानता नहीं है। मैं नाम लेता हूं – समाजवादी पार्टी और बसपा, तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस, चंद्रबाबू नायडू और कांग्रेस, उनमें कुछ भी समान और वैचारिक समानता नहीं है, लेकिन साथ आ रहे हैं।’’