राष्ट्रीय पुस्तक मेला, कानपुर में, साहित्य संगम कार्यक्रम का आयोजन

कानपुर, विदुषी सीता मिश्रा सेवा न्यास द्वारा, राष्ट्रीय पुस्तक मेला, चुन्नीगंज में, साहित्य संगम कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रख्यात शिक्षाविद् व समाजसेवी श्रीमती ममता अवस्थी को, विदुषी सीता मिश्रा सेवा सम्मान-2025 से अलंकृत किया गया।
साहित्य के विविध रंगों से सजे इस अवसर पर उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान और साहित्य अकादमी मध्य प्रदेश द्वारा सम्मानित वरिष्ठ लेखक व सामाजिक चिंतक रामजी भाई ने ‘रामायण के नारी पात्र’ विषय पर बोलते हुए, माता सीता जी सहित रामायण की अन्य नारियों के विषय में अत्यंत मार्मिक और शोधात्मक वर्णन प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ भाजपा नेता श्याम बाबू गुप्ता ने सामाजिक सरोकारों की चर्चा करते हुए ऐसे आयोजनों को समाज के लिए उपयोगी बताया।
विशिष्ट अतिथि के रूप में विधायक व पूर्व मंत्री महेश त्रिवेदी ने साहित्य संगम और कवियों की सराहना करते हुए उन्हें समाज का आईना बताया और सामाजिक जीवन में परस्पर आदान-प्रदान की महत्ता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि लोगों के लिए जीवन समर्पित करने वाले हमेशा अनुकरणीय होते हैं।
यूपी एनवायरमेंट अप्रेजल काउंसिल के अध्यक्ष कमलेश पांडे ने सीता जी के योगदान की चर्चा करते हुए उनसे सीखने की बात की। साथ ही उन्होंने काव्य पाठ कर सभी की सराहना बटोरी।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता हरीश चंद्र श्रीवास्तव ने समाज में आध्यात्मिकता की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए नई पीढ़ी को परंपराओं से जुड़े रहने की सीख दी।
पूर्व अपर महाधिवक्ता ज्योति सिक्का ने सीता मिश्रा जी की चर्चा करते हुए उनकी कमी को अपूरणीय बताया। साथ ही कविता पाठ कर अपनी रचना से सभी में जोश भर दिया।
राम किट से अपनी अलग पहचान बनाने वाले कानपुर के हृदय रोग संस्थान के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर नीरज कुमार ने हृदय के रोगों से बचाव और उसके देखभाल की चर्चा करते हुए जरूरी दवाओं को हर समय अपने पास रखने की सलाह दी। उन्होंने राम किट के बारे में विस्तार से कुछ दवाओं का जिक्र करते हुए बताया कि, आपात स्थिति में इनका प्रयोग कर संकट को टाला जा सकता है।
पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य अशोक कुमार ने समाज में समरसता की आवश्यकता पर बल दिया।
कविता पाठ करते हुए अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त वरिष्ठ कवि डॉक्टर ओम प्रकाश शुक्ल ‘अमिय’ ने अपनी रचनाओं से सभी को मनन करने पर मजबूर कर दिया। हास्य व्यंग के प्रसिद्ध हस्ताक्षर अखिल आनंद ने बड़ी ही सहज अभिव्यक्ति से श्रोताओं को हँसाया, विद्याधर अवस्थी व अन्य कवियों ने भी अपने काव्य पाठ से लोगों को अंत तक बांधे रखा।
समापन में राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के सहगान ने मातृभूमि के प्रति सर्वस्व न्योछावर करने की भावना से, सभी को ओतप्रोत कर दिया।
कार्यक्रम का संचालन शरद मिश्र ने किया।
इस अवसर पर प्रमुख रूप से शैलेंद्र त्रिवेदी , दुर्गेद्र चौहान,सुधीर शुक्ल , सुरेंद्र त्रिवेदी, डॉ रामकुमार सचान,पंकज अवस्थी, सांत्वना अवस्थी, प्रतिभा, कामाक्षी,महेंद्रा अवस्थी,रश्मि, वंशिका,शिवानी,प्रशांत, निखिल, अविनाश, मनोज चंदेल सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।





